NEET की तैयारी केवल किताबों और लंबे स्टडी आवर्स तक सीमित नहीं होती, बल्कि असली चुनौती मुश्किल परिस्थितियों में भी अपनी पढ़ाई की लय बनाए रखने की होती है। लखनऊ के ऋषि राज सिंह ने भी अपनी तैयारी के दौरान कई उतार-चढ़ाव देखे। घर शिफ्ट होने की वजह से उनकी पढ़ाई लगभग एक महीने तक प्रभावित रही। इसी दौरान उनके पालतू जानवर की तबीयत भी खराब हो गई, जिससे मानसिक रूप से भी वे काफी परेशान रहे। लेकिन इन चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी नहीं छोड़ी और हर बार दोबारा पूरी ऊर्जा के साथ वापसी की।
इसी कंसिस्टेंसी, नियमित अभ्यास और Physics Wallah के Yakeen 2 batch, रैंकर्स टेस्ट सीरीज तथा लगभग 90 फुल सिलेबस मॉक टेस्ट की मदद से ऋषि ने NEET 2026 में 639 अंक और AIR 2394 हासिल की। उनकी यह सफलता बताती है कि कठिन परिस्थितियां आपकी मंजिल तय नहीं करतीं, बल्कि उनसे उबरने का आपका जज़्बा आपको सफलता तक पहुंचाता है।
ऋषि ने बताया कि उन्होंने अपनी पूरी तैयारी Physics Wallah के Yakeen 2 batch के साथ की। उनका लक्ष्य केवल सिलेबस पूरा करना नहीं था, बल्कि प्रत्येक विषय की गहरी समझ विकसित करना था।
वे रोजाना लगभग 10 से 12 घंटे पढ़ाई करने का प्रयास करते थे। उनका मानना है कि सफलता के लिए एक दिन बहुत अधिक और दूसरे दिन बहुत कम पढ़ाई करने से बेहतर है कि हर दिन नियमित रूप से पढ़ाई की जाए।
"कोशिश यही रहती थी कि रोज़ 10–12 घंटे पढ़ाई हो। कंसिस्टेंसी सबसे ज्यादा जरूरी है।"
NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षा में केवल पढ़ना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि परीक्षा जैसे माहौल में लगातार अभ्यास करना भी उतना ही जरूरी होता है।
ऋषि ने अपनी तैयारी के दौरान लगभग 90 फुल सिलेबस टेस्ट दिए। इनमें PW के बैच टेस्ट, रैंकर्स टेस्ट सीरीज, होम टेस्ट सीरीज और Mission 30 के टेस्ट शामिल थे।
उनके अनुसार लगातार टेस्ट देने से समय प्रबंधन, प्रश्न चयन और परीक्षा के दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता काफी बेहतर हुई।
"बैच टेस्ट, रैंकर्स टेस्ट सीरीज और मिशन 30 मिलाकर करीब 90 टेस्ट दिए थे।"
ऋषि ने विशेष रूप से PW की Rankers Test Series की सराहना की। उनके अनुसार इस सीरीज के प्रश्न कठिन जरूर थे, लेकिन पूरी तरह कॉन्सेप्ट आधारित थे और NEET के स्तर के अनुरूप तैयार किए गए थे।
उन्होंने बताया कि विशेष रूप से Biology सेक्शन बेहद उच्च गुणवत्ता का था। प्रश्न केवल कठिन नहीं थे, बल्कि छात्रों की कॉन्सेप्ट की समझ को परखने वाले थे।
उनके अनुसार
"PW की Rankers Test Series का कंटेंट बहुत अच्छा था। खासकर Biology के प्रश्न कठिन होने के साथ-साथ पूरी तरह कॉन्सेप्ट आधारित थे और NEET के स्तर के अनुसार तैयार किए गए थे।"
अपनी तैयारी पर बात करते हुए ऋषि ने स्वीकार किया कि यदि उन्हें किसी एक बात का अफसोस है, तो वह यह है कि उन्होंने शुरुआत से NCERT पर पूरी तरह ध्यान नहीं दिया।
"अगर किसी एक बात का अफसोस है, तो यही कि मैंने शुरुआत से NCERT को उतनी प्राथमिकता नहीं दी। NEET की तैयारी में NCERT सबसे महत्वपूर्ण है।"
उनका मानना है कि NEET की तैयारी करने वाले हर छात्र को शुरुआत से ही NCERT को अपनी प्राथमिकता बनानी चाहिए। मजबूत बुनियाद और नियमित रिवीजन सफलता की कुंजी हैं।
तैयारी के दौरान ऋषि को कई व्यक्तिगत चुनौतियों का सामना भी करना पड़ा। घर बदलने के कारण लगभग एक महीने तक उनकी पढ़ाई प्रभावित हुई। इसके अलावा उनका पालतू जानवर गंभीर रूप से बीमार हो गया, जिससे मानसिक रूप से भी वे काफी परेशान रहे।
इन परिस्थितियों ने उनकी तैयारी की गति जरूर धीमी की, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उनका मानना है कि किसी भी अभ्यर्थी के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि यदि पढ़ाई कुछ समय के लिए रुक भी जाए, तो दोबारा उसी जोश के साथ वापस लौटना आना चाहिए।
"कभी-कभी पढ़ाई मिस हो जाती है, लेकिन सबसे जरूरी बात है कि बाउंस बैक करना आना चाहिए।"
ऋषि का मानना है कि NEET की तैयारी में सफलता केवल लंबे समय तक पढ़ने से नहीं मिलती, बल्कि लगातार मेहनत और अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।
वे छात्रों को सलाह देते हैं कि सोशल मीडिया या अन्य कारणों से यदि तैयारी प्रभावित भी हो जाए, तो निराश होने के बजाय जल्द से जल्द दोबारा पढ़ाई शुरू करनी चाहिए।
उनके अनुसार
"मेहनत पूरी करनी चाहिए, लेकिन सबसे जरूरी चीज़ कंसिस्टेंसी है। कभी पढ़ाई छूट भी जाए, तो निराश होने के बजाय दोबारा उसी रफ्तार से तैयारी शुरू करनी चाहिए।"
ऋषि राज सिंह की सफलता यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण टेस्ट सीरीज और लगातार अभ्यास किसी भी छात्र की तैयारी को नई ऊंचाई तक पहुंचा सकते हैं। Physics Wallah के यकीन 2.0 बैच, रैंकर्स टेस्ट सीरीज और नियमित मॉक टेस्ट की मदद से उन्होंने न केवल 639 अंक और AIR 2394 हासिल की, बल्कि यह भी दिखाया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद यदि छात्र अपनी तैयारी में निरंतरता बनाए रखे, तो सफलता जरूर मिलती है।
दिन में मजदूरी, रात में पढ़ाई; Physics Wallah से तैयारी कर उमर ने NEET 2026 में हासिल किए 601 अंक
NEET 2026 टॉपर्स की सफलता में PW की लाइव कक्षाओं और टेस्ट सीरीज ने कैसे निभाई अहम भूमिका?