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Class 9 Hindi क्या लिखूँ?: NCERT के महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर

Class 9 Hindi “क्या लिखूँ?” NCERT Solutions में पद्मलाल पुन्नालाल बख्शी द्वारा लिखे गए पाठ के महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय और लघुत्तरीय प्रश्नों के आसान उत्तर दिए गए हैं। ये NCERT Solution विद्यार्थियों को निबंध लेखन, लेखक के विचारों, वर्तमान से असंतुष्टि, निबंध की भाषा-शैली और लेखन की विभिन्न युक्तियों को समझने में मदद करते हैं।
authorImageEkta Rakesh Singh7 Oct, 2026
Class 9 Hindi क्या लिखूँ?: NCERT के महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर

 

Class 9 Hindi “क्या लिखूँ?” पाठ में पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी ने निबंध लेखन, विषय चयन, विचारों और अनुभवों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को समझाया है। NCERT Solutions Class 9 Hindi “क्या लिखूँ?” के महत्वपूर्ण प्रश्नों और उनके सरल उत्तर दिए गए हैं, जिससे विद्यार्थी पाठ को आसानी से समझ सकें और परीक्षा की तैयारी कर सकें। PW विद्यार्थियों की मदद के लिए NCERT Solutions उपलब्ध करा रहा है, ताकि छात्र प्रश्नों के सही उत्तर समझने, अपनी तैयारी को जांचने और परीक्षा से पहले प्रभावी रिवीजन करने में मदद ले सकें।

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NCERT Solutions for Class 9 Hindi “क्या लिखूँ?”

निबंध लिखते समय विषय का चुनाव, विचारों को व्यवस्थित करना और उन्हें प्रभावी भाषा में प्रस्तुत करना विद्यार्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। Class 9 Hindi “क्या लिखूँ?” पाठ में पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी ने निबंध लेखन की प्रक्रिया, विषय, विचार और लेखक की मानसिक स्थिति से जुड़े पहलुओं को रोचक ढंग से समझाया है।

इस लेख में NCERT Solutions for Class 9 Hindi “क्या लिखूँ?” के महत्वपूर्ण प्रश्नों के आसान और समझने योग्य उत्तर दिए गए हैं। PW विद्यार्थियों की मदद के लिए NCERT Solution उपलब्ध करा रहा है, ताकि छात्र पाठ के प्रश्नों के उत्तर समझ सकें, अपनी तैयारी को बेहतर कर सकें और परीक्षा से पहले आसानी से रिवीजन कर सकें।

Class 9 Hindi “क्या लिखूँ?” NCERT प्रश्न और उत्तर 

नीचे NCERT Class 9 Hindi “क्या लिखूँ?” के महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय और लघुत्तरीय प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं। विद्यार्थी पहले प्रश्नों को स्वयं हल करने का प्रयास करें और फिर दिए गए उत्तरों से अपनी तैयारी को जांच सकते हैं।

“क्या लिखूँ?” बहुविकल्पीय प्रश्न

Q1. ए. जी. गार्डिनर के अनुसार, लिखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्या है?

  1. विषय का चुनाव

  2. विशेष मानसिक स्थिति

  3. कठिन परिश्रम

  4. परीक्षा का दबाव

उत्तर: 2. विशेष मानसिक स्थिति

Q2. लेखक के अनुसार, निबंध लिखने से पहले किसकी रूपरेखा बनाना कठिन है?

  1. निबंध की

  2. जैसा तुम चाहो की

  3. ‘दूर के ढोल सुहावने’ की

  4. नाटकों की

उत्तर: 1. निबंध की

Q3. लेखक ने शेक्सपियर के किस नाटक का उल्लेख किया है?

  1. ओथेलो

  2. मैकबेथ

  3. जैसा तुम चाहो

  4. हैमलेट

उत्तर: 3. जैसा तुम चाहो

Q4. अंग्रेजी निबंध-लेखन पद्धति के जन्मदाता किन्हें माना गया है?

  1. शेक्सपियर

  2. मानेटन

  3. बेकन

  4. एडिसन

उत्तर: 2. मानेटन

Q5. संसार का चित्र किन लोगों को अत्यधिक मनमोहक प्रतीत होता है?

  1. जो वृद्ध हो चुके हैं

  2. जो जीवन-संग्राम से दूर हैं

  3. जो अतीत का स्वप्न देखते हैं

  4. जो वर्तमान से असंतुष्ट हैं

उत्तर: 2. जो जीवन-संग्राम से दूर हैं

Q6. तरुण किसका समर्थन करते हैं?

  1. अतीत-गौरव का

  2. वर्तमान का

  3. क्रांति का

  4. बाल्यावस्था का

उत्तर: 3. क्रांति का

Q7. ‘वर्तमान से दोनों को असंतुष्ट होना है’ – इस कथन का क्या अभिप्राय है?

  1. तरुण और वृद्ध दोनों को वर्तमान की वास्तविकताएँ सुखद नहीं लगतीं।

  2. वर्तमान में न तो भविष्य की संभावनाएँ हैं और न ही अतीत की सुखद स्मृतियाँ।

  3. तरुण भविष्य को और वृद्ध अतीत को वर्तमान में देखना चाहते हैं।

  4. उपर्युक्त सभी

उत्तर: 4. उपर्युक्त सभी

“क्या लिखूँ?” लघुत्तरीय प्रश्न

Q1. निबंध लेखन के विषय में ए. जी. गार्डिनर और लेखक के विचारों में क्या अंतर है?

उत्तर: ए. जी. गार्डिनर के अनुसार निबंध लेखन एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, जिसमें लेखक के विचार और भाव अपने आप उभरते हैं। इसके विपरीत, लेखक का मानना है कि निबंध लिखने के लिए सोच-विचार और परिश्रम की आवश्यकता होती है। उनके लिए निबंध लेखन इतना आसान कार्य नहीं है।

Q2. लेखक के अनुसार वृद्ध और तरुण दोनों ही वर्तमान से असंतुष्ट रहते हैं, पर दोनों की असंतुष्टि के कारण भिन्न-भिन्न हैं। आपके विचार से उनकी असंतुष्टि के क्या-क्या कारण हो सकते हैं?

उत्तर:  तरुण भविष्य के सपने देखते हैं और उसे वर्तमान से बेहतर मानते हैं। इसलिए वे वर्तमान से संतुष्ट नहीं रहते। दूसरी ओर, वृद्ध अपने अतीत को सुखद और श्रेष्ठ मानते हैं तथा वर्तमान की तुलना अपने बीते समय से करते हैं। इस कारण उन्हें भी वर्तमान अच्छा नहीं लगता। इस प्रकार दोनों की असंतुष्टि के कारण अलग-अलग होते हैं।

Q3. नमिता और अनमिता किन विषयों पर निबंध लिखवाना चाहती हैं? उनके द्वारा सुझाए गए विषयों पर निबंध लिखने में लेखक को क्या-क्या कठिनाइयाँ आईं?

उत्तर: नमिता ‘दूर के ढोल सुहावने होते हैं’ और अनमिता ‘समाज-सुधार’ विषय पर निबंध लिखवाना चाहती हैं। लेखक को इन दोनों विषयों पर निबंध लिखने में कठिनाई हुई, क्योंकि उसके पास पर्याप्त सामग्री नहीं थी और उसे कम समय में निबंध तैयार करना था।

Q4. निबंधशास्त्र के आचार्यों ने निबंध लिखने की कौन-सी युक्तियाँ सुझाई हैं? आप किसी भी विषय पर निबंध लिखने से पहले किस तरह की तैयारी करते हैं?

उत्तर: निबंधशास्त्र के आचार्यों के अनुसार निबंध छोटा, स्पष्ट और सुसंगठित होना चाहिए। निबंध लिखने से पहले उसकी रूपरेखा तैयार करनी चाहिए। भाषा सरल और प्रभावशाली होनी चाहिए। किसी विषय पर निबंध लिखने से पहले मैं विषय को अच्छी तरह समझता/समझती हूँ, मुख्य बिंदुओं को लिखता/लिखती हूँ और उन्हें सही क्रम में व्यवस्थित करके निबंध तैयार करता/करती हूँ।

Q5. मानेटन ने “जो कुछ देखा, सुना और अनुभव किया, उसी को अपने निबंधों में लिपिबद्ध कर दिया।” निबंध लेखन के लिए देखने, सुनने और अनुभव करने की क्या उपयोगिता हो सकती है?

उत्तर: देखने, सुनने और अनुभव करने से व्यक्ति को वास्तविक और गहरा ज्ञान प्राप्त होता है। इन अनुभवों के आधार पर लिखे गए निबंध अधिक स्पष्ट, रोचक और प्रभावशाली बनते हैं। इससे निबंध में वास्तविकता आती है और लेखक के व्यक्तिगत अनुभव भी दिखाई देते हैं।

Q6. लेखक ने ए. जी. गार्डिनर के ‘हेट’ और ‘खूँटी’ वाले उदाहरण के माध्यम से निबंध लेखन की किस क्षमता को स्पष्ट किया है?

उत्तर: लेखक ने इस उदाहरण के माध्यम से स्पष्ट किया है कि निबंध लेखन में केवल विषय महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि लेखक की विचारशीलता और मन की भावनाओं की अभिव्यक्ति भी महत्वपूर्ण होती है। जिस प्रकार कपड़े टाँगने के लिए कोई भी खूँटी काम आ सकती है, उसी प्रकार लेखक अपने विचारों और भावनाओं को व्यक्त करने के लिए किसी भी विषय को माध्यम बना सकता है। यहाँ ‘हेट’ लेखक के विचारों और भावनाओं का प्रतीक है, जबकि ‘खूँटी’ केवल विषय का माध्यम है।

Q7. निबंधशास्त्र के आचार्यों के अनुसार एक आदर्श निबंध की भाषा और शैली कैसी होनी चाहिए?

उत्तर: आदर्श निबंध की भाषा सरल, प्रवाहपूर्ण और प्रभावशाली होनी चाहिए। वाक्य छोटे और एक-दूसरे से जुड़े हुए होने चाहिए। निबंध में विषय-वस्तु और शैली का उचित संतुलन होना आवश्यक है। लेखन को प्रभावशाली बनाने के लिए आवश्यकतानुसार अलंकारों, मुहावरों और लोकोक्तियों का प्रयोग भी किया जा सकता है।

Q8. ‘दूर के ढोल सुहावने होते हैं’ इस लोकोक्ति की सार्थकता पाठ के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: पास से सुनने पर ढोल की आवाज कर्कश लगती है, लेकिन दूर से वही आवाज मधुर प्रतीत होती है। इसी प्रकार जीवन की कठिनाइयाँ जब हमारे सामने होती हैं तो वे कठिन और परेशान करने वाली लगती हैं, लेकिन दूर से देखने पर वही परिस्थितियाँ सुखद दिखाई दे सकती हैं। इस प्रकार दूरी यथार्थ की कठोरता को कम करके चीजों को अधिक आकर्षक बना देती है।

Q9. पाठ के इस कथन पर विचार कीजिए— “जो कभी सुधार थे, वही आज दोष हो गए हैं।” इसका क्या अभिप्राय है?

उत्तर: इस कथन का अर्थ है कि समय के साथ समाज की आवश्यकताएँ और परिस्थितियाँ बदलती रहती हैं। जो विचार या व्यवस्था किसी समय समाज के लिए सुधार का कारण थी, वह बदलती परिस्थितियों में अनुपयुक्त हो सकती है और दोष मानी जा सकती है। इसलिए समाज में समय के अनुसार नए सुधारों की आवश्यकता बनी रहती है।

Q10. अमीर खुसरो की कहानी का उल्लेख लेखक ने अपनी किस विवशता या समाधान के लिए किया है?

उत्तर: लेखक के सामने एक साथ दो विषयों पर निबंध लिखने की समस्या थी—‘दूर के ढोल सुहावने होते हैं’ और ‘समाज-सुधार’। इस कठिनाई को दूर करने के लिए लेखक को अमीर खुसरो की कहानी याद आई, जिसमें उन्होंने एक ही पद के माध्यम से अलग-अलग इच्छाओं को पूरा किया था। लेखक ने इसी विचार से प्रेरित होकर दोनों विषयों को एक ही निबंध में शामिल करने का निर्णय लिया।

Q11. मानेटन द्वारा अपनाई गई निबंध लेखन की पद्धति परंपरागत आचार्यों की पद्धति से किस प्रकार भिन्न है?

उत्तर: मानेटन की निबंध लेखन पद्धति परंपरागत आचार्यों की पद्धति से अलग है। परंपरागत आचार्य निबंध में तर्कपूर्ण विवेचन, व्यवस्थित विचार और गंभीर शैली पर अधिक जोर देते हैं। इसके विपरीत, मानेटन ने अपने निबंधों में अपने अनुभवों, विचारों और देखी-सुनी बातों को सहज रूप में प्रस्तुत किया। उनकी लेखन शैली में व्यक्तिगत अनुभव और स्वाभाविक अभिव्यक्ति को अधिक महत्व दिया गया है।

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NCERT Solution “क्या लिखूँ?” महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर PDF लिंक

NCERT Solutions for Class 9 Hindi “क्या लिखूँ?” के अतिरिक्त प्रश्नों और उत्तरों की तैयारी के लिए विद्यार्थी नीचे दिए गए PDF को डाउनलोड कर सकते हैं। इस PDF में पाठ से संबंधित महत्वपूर्ण सामग्री दी गई है, जो परीक्षा की तैयारी और रिवीजन में उपयोगी हो सकती है।

“क्या लिखूँ?” महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर PDF लिंक

कक्षा 9 हिंदी “क्या लिखूँ?” के NCERT Solutions के फायदे

PW द्वारा उपलब्ध कराए गए NCERT Solutions विद्यार्थियों को पाठ के प्रश्नों को समझने और परीक्षा की तैयारी करने में मदद करते हैं। इन NCERT Solution के माध्यम से विद्यार्थी अपने उत्तरों को चेक करने के साथ-साथ पाठ के महत्वपूर्ण विचारों को भी आसानी से समझ सकते हैं।

  • पाठ को समझने में मदद: निबंध लेखन और लेखक के विचारों को सरल भाषा में समझने में मदद मिलती है।

  • प्रश्नों के उत्तर की तैयारी: महत्वपूर्ण MCQ और लघुत्तरीय प्रश्नों के उत्तर एक ही जगह मिल जाते हैं।

  • परीक्षा की तैयारी: परीक्षा में पूछे जा सकने वाले महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास किया जा सकता है।

  • रिवीजन में आसानी: परीक्षा से पहले पूरे पाठ के प्रमुख प्रश्नों और उत्तरों को जल्दी दोहराया जा सकता है।

  • लेखन कौशल बेहतर करने में मदद: निबंध की भाषा, शैली, रूपरेखा और प्रभावशाली लेखन के बारे में समझ विकसित होती है।

  • उत्तर मिलान करने की सुविधा: विद्यार्थी अपने द्वारा लिखे गए उत्तरों को दिए गए समाधान से मिलाकर अपनी तैयारी जांच सकते हैं।

इस तरह NCERT Solutions for Class 9 Hindi “क्या लिखूँ?” by PW विद्यार्थियों को पाठ को समझने, महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास करने और परीक्षा के लिए प्रभावी तरीके से रिवीजन करने में मदद करते हैं।

यह भी पढ़ें

 

Class 9 Hindi Kya likhu NCERT Solutions FAQs

Kya likhun path ke lekhak kaun hai?

“क्या लिखूँ?” पाठ के लेखक पद्मलाल पुन्नालाल बख्शी हैं।

Kya likhun path mein kis vishay par charcha ki gai hai?

इस पाठ में मुख्य रूप से निबंध लेखन, विषय चयन, लेखक की मानसिक स्थिति, विचारों और अनुभवों की अभिव्यक्ति तथा निबंध की भाषा और शैली पर चर्चा की गई है।

Kya likhun path ke NCERT Solutions kaise madad karte hai?

NCERT Solutions विद्यार्थियों को पाठ के महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर समझने, अपने उत्तरों की जांच करने और परीक्षा से पहले रिवीजन करने में मदद करते हैं।

Dur ke dhol suhavane hote hai ka kya arth hai?

इसका अर्थ है कि कोई चीज या परिस्थिति दूर से अधिक अच्छी और आकर्षक लग सकती है, जबकि उसके पास आने पर उसकी वास्तविक कठिनाइयाँ दिखाई देने लगती हैं।

Manetan ki nibandh lekhan paddhati ki kya visheshta thi?

मानेटन ने अपने निबंधों में अपने देखे, सुने और अनुभव किए हुए विचारों को सहज रूप से प्रस्तुत किया। उनकी लेखन पद्धति व्यक्तिगत अनुभव और स्वाभाविक अभिव्यक्ति पर आधारित थी।
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