NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter संवादहीन विद्यार्थियों को अध्याय के महत्वपूर्ण प्रश्नों के सरल और समझने योग्य उत्तर उपलब्ध कराते हैं। “संवादहीन” कहानी में ताई, मिट्ठू और जगन मास्टर के माध्यम से अकेलेपन, ममता, स्नेह, भावनात्मक जुड़ाव और स्वतंत्रता जैसे विषयों को प्रस्तुत किया गया है। PW छात्रों की मदद के लिए NCERT Solutions उपलब्ध करा रहा है, जिससे विद्यार्थी अध्याय के प्रश्नों को आसानी से समझ सकते हैं, अपने उत्तरों की जांच कर सकते हैं और परीक्षा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकते हैं।
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कहानी “संवादहीन” में ताई और मिट्ठू के माध्यम से अकेलेपन, ममता, स्नेह और संवाद के महत्व को प्रस्तुत किया गया है। कहानी में ताई का जीवन परिवार से दूर होने के बाद एकाकी हो जाता है और मिट्ठू उनके जीवन का महत्वपूर्ण सहारा बन जाता है।
PW छात्रों की मदद के लिए NCERT Solutions उपलब्ध करा रहा है, जिसमें Class 9 Hindi Chapter संवादहीन के महत्वपूर्ण प्रश्नों के सरल और समझने योग्य उत्तर दिए गए हैं। विद्यार्थी इन समाधानों की मदद से अपने उत्तरों को चेक कर सकते हैं, कहानी के भाव को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं और परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्नों की तैयारी कर सकते हैं।
नीचे संवादहीन कहानी से संबंधित महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय और लघु उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं। विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि उत्तर देखने से पहले प्रश्नों को स्वयं हल करने का प्रयास करें।
(क) प्राकृतिक आपदा का आना
(ख) परिवार के सदस्यों का बिखड़ना और कारोबार का पराया हाथों में जाना
(ग) घर में चोरी हो जाना
(घ) ताई का बीमार रहना
Answer: (ख) परिवार के सदस्यों का बिखड़ना और कारोबार का पराया हाथों में जाना।
(क) बहुत अधिक पकवान बनाना
(ख) दिन में केवल एक बार भोजन बनाना या कम खाना
(ग) चूल्हे की मरम्मत करना
(घ) नए चूल्हे का प्रयोग करना
Answer: (ख) दिन में केवल एक बार भोजन बनाना या कम खाना।
(क) देश की राजनीति और भविष्य के बारे में
(ख) अपने बीते दिनों के वैभव, जमींदार साहब के दबदबे और पुराने उत्सवों के बारे में
(ग) गाँव की अन्य विधवाओं के दुःख-दर्द के बारे में
(घ) तीर्थयात्रा के अनुभवों के बारे में
Answer: (ख) अपने बीते दिनों के वैभव, जमींदार साहब के दबदबे और पुराने उत्सवों के बारे में।
(क) वह डरकर पिंजरे के कोने में छिप जाता था।
(ख) वह सो जाता था और ताई की बातों पर ध्यान नहीं देता था।
(ग) वह गर्दन टेढ़ी कर धैर्य से सुनता और बीच-बीच में टीका-टिप्पणी करता था।
(घ) वह शोर मचाकर ताई को चुप करा देता था।
Answer: (ग) वह गर्दन टेढ़ी कर धैर्य से सुनता और बीच-बीच में टीका-टिप्पणी करता था।
(क) वह तुरंत उड़कर पेड़ पर जा बैठा।
(ख) वह पिंजरे में ही जोर-जोर से चिल्लाने लगा।
(ग) उसने बाहर आने की कोई इच्छा प्रकट नहीं की, क्योंकि वह पिंजरे का आदी हो चुका था।
(घ) उसने जगन मास्टर पर हमला कर दिया।
Answer: (ग) उसने बाहर आने की कोई इच्छा प्रकट नहीं की, क्योंकि वह पिंजरे का आदी हो चुका था।
(क) उन्होंने मिट्ठू को लकड़ी से डराया।
(ख) उन्होंने पिंजरे के दरवाजे से बाहर तक अनाज के दाने बिखेर दिए।
(ग) उन्होंने पिंजरा हिलाकर मिट्ठू को बाहर गिरा दिया।
(घ) उन्होंने पानी का छिड़काव किया।
Answer: (ख) उन्होंने पिंजरे के दरवाजे से बाहर तक अनाज के दाने बिखेर दिए।
(क) उन्हें गाँव छोड़कर हमेशा के लिए शहर जाना था।
(ख) उन्हें कुंभ-स्नान के लोभ और मिट्ठू की सुरक्षा की चिंता के बीच चुनाव करना था।
(ग) उन्हें नया घर खरीदना था।
(घ) उन्हें मिट्ठू को बेचना पड़ रहा था।
Answer: (ख) उन्हें कुंभ-स्नान के लोभ और मिट्ठू की सुरक्षा की चिंता के बीच चुनाव करना था।
(क) मिट्ठू एक बहुत बड़ा पक्षी था।
(ख) लोग ताई का मजाक उड़ाना चाहते थे।
(ग) मिट्ठू को भी एक जीवित और ‘बोलने-बतियाने’ वाले प्राणी के रूप में स्वीकार किया गया था।
(घ) रेल विभाग के सख्त नियमों का संकेत।
Answer: (ग) मिट्ठू को भी एक जीवित और ‘बोलने-बतियाने’ वाले प्राणी के रूप में स्वीकार किया गया था।
(क) परोपकार और त्याग
(ख) ममता और स्नेह
(ग) करुणा और क्रोध
(घ) जिज्ञासा और सहायता
Answer: (ख) ममता और स्नेह।
(क) अनुशासन और परंपरा
(ख) उदासीनता और असावधानी
(ग) आत्मगौरव और विद्रोह
(घ) करुणा और नैतिकता
Answer: (घ) करुणा और नैतिकता।
(क) भोजन की खोज
(ख) प्रेम की आकांक्षा
(ग) स्वतंत्रता की चाह
(घ) पक्षियों में सम्मान की प्रवृत्ति
Answer: (ग) स्वतंत्रता की चाह।
Answer:
इस वाक्य में ‘नैया’ ताई की जीवन-नैया से संबंधित है। ताई यह बात इसलिए कह रही हैं क्योंकि उनके बुढ़ापे और अकेलेपन का एकमात्र सहारा मिट्ठू था, जो अब बोलना बंद कर चुका था। उन्हें डर था कि यदि संवाद का यह अंतिम माध्यम भी मौन हो गया, तो वे अपने शेष जीवन के एकाकीपन और सन्नाटे को कैसे व्यतीत करेंगी। यह उनकी भविष्य के प्रति असुरक्षा और मानसिक व्याकुलता को दर्शाता है।
Answer:
इस वाक्य में ताई के परिवार के बिखरने और उनकी संपत्ति के हाथ से निकल जाने की ओर संकेत किया गया है। कभी ताई का परिवार बड़ा और संपन्न था, लेकिन समय के साथ उनके अपने लोग उनसे दूर होते गए और घर की जमीन-जायदाद तथा बाग-बगीचे दूसरों के नियंत्रण में चले गए। यह घटना ताई के अतीत के वैभव और वर्तमान के अकेलेपन के बीच के गहरे अंतर को दिखाती है।
Answer:
ताई के जीवन में ऐसा कोई मनुष्य नहीं बचा था जिसके साथ वह अपना प्रेम और भावनाएँ साझा कर सकें। रिश्तों के अभाव के कारण उनके हृदय की सारी स्नेह और ममता मिट्ठू पर केंद्रित हो गई। मिट्ठू उनके लिए केवल एक पक्षी नहीं था, बल्कि एक संतान और मित्र की भाँति बन गया था।
Answer:
इस वाक्य से पता चलता है कि ताई अब आत्म-केंद्रित न रहकर मिट्ठू की जरूरतों और पसंद का ध्यान रखने लगी थीं। उन्हें पता रहता था कि मिट्ठू को कौन-सी चीजें पसंद हैं और वे उसके लिए हरी मिर्च तथा अमरूद जैसी चीजें लाने का प्रयास करती थीं। इससे उनकी सक्रियता, संवेदनशीलता और एक पक्षी के प्रति गहरे लगाव का पता चलता है।
Answer:
जगन मास्टर गाँव के एक विचारशील, गंभीर और दार्शनिक स्वभाव के व्यक्ति थे। वे केवल सामान्य बातचीत नहीं करते थे, बल्कि समाज और मूल्यों पर भी गहरी समझ रखते थे। वे ताई के पास बैठकर रुपया-दो पैसा और ‘गुणग्राहकता’ जैसी बातों पर चर्चा करते थे। उनका व्यक्तित्व सहानुभूतिपूर्ण था, लेकिन वे भावनाओं के साथ-साथ तर्क और सिद्धांतों को भी महत्व देते थे।
Answer:
कहानी का शीर्षक “संवादहीन” ताई के लिए सबसे अधिक सार्थक प्रतीत होता है। यद्यपि मिट्ठू के मौन होने की स्थिति कहानी में महत्वपूर्ण है, लेकिन वास्तविक संवादहीनता ताई के जीवन में दिखाई देती है।
ताई के जीवन में संवाद करने वाला कोई मनुष्य नहीं था। परिवार और समाज से दूर होने के कारण वे अपनी भावनाएँ व्यक्त नहीं कर पाती थीं। मिट्ठू भले ही बोलने की क्षमता रखता था, लेकिन वह भी ताई की वास्तविक भावनाओं को पूरी तरह समझ नहीं सकता था। इस प्रकार शीर्षक ताई के गहरे एकाकीपन और संवाद के अभाव को दर्शाता है।
Answer:
ताई के घर को ‘सूना खंडहर’ इसलिए कहा गया क्योंकि कभी यह घर बड़ा, संपन्न और लोगों से भरा हुआ था। लेकिन समय के साथ परिवार के सदस्य दूर चले गए और घर की रौनक, चहल-पहल और पारिवारिक वातावरण समाप्त हो गया।
अब उस बड़े घर में न तो बच्चों की किलकारियाँ थीं और न ही परिवार के अन्य सदस्यों की आवाजें। वहाँ केवल ताई और एक मूक पक्षी मिट्ठू रह गए थे। इसलिए यह घर ताई की अंतिम अवस्था और उनके अकेलेपन का प्रतीक बन गया था।
Answer:
जब हम अपने घर या परिवार से दूर होते हैं, तो मन में अपने प्रियजनों और अपनी वस्तुओं की लगातार चिंता बनी रहती है। घर की सुरक्षा, परिवार के सदस्यों की स्थिति और उनकी जरूरतों के बारे में बार-बार विचार आता है।
कई बार छोटी-सी बात भी मन में बड़ी आशंका पैदा कर देती है। ताई की तरह हम भी अपने प्रिय लोगों और वस्तुओं को याद करके व्याकुल हो जाते हैं। इससे पता चलता है कि दूरी के बावजूद हमारा भावनात्मक जुड़ाव बना रहता है।
Answer:
हाँ, मैं मानता हूँ कि पशु-पक्षियों में भी संवेदनाएँ और भावनाएँ होती हैं। वे बोलकर अपनी भावनाएँ व्यक्त नहीं कर सकते, लेकिन उनके व्यवहार और आँखों से उनके सुख-दुःख को समझा जा सकता है।
उदाहरण के लिए, यदि किसी पालतू पशु का मालिक बीमार हो जाए तो वह कई दिनों तक खाना छोड़कर उसके पास बैठा रह सकता है। उसकी आँखों में चिंता और उदासी दिखाई देती है। मालिक के ठीक होते ही उसका उत्साह और खुशी वापस आ जाती है।
इससे पता चलता है कि पशु-पक्षी भी प्रेम, दुःख, खुशी और अपनापन महसूस करते हैं।
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NCERT Solutions for Class 9 Hindi Chapter संवादहीन by PW विद्यार्थियों को कहानी के प्रश्नों के उत्तर समझने और परीक्षा की तैयारी करने में मदद करते हैं।
कहानी को समझें: ताई, मिट्ठू और जगन मास्टर के पात्रों तथा उनके संबंधों को बेहतर तरीके से समझें।
महत्वपूर्ण भावों को पहचानें: कहानी में अकेलेपन, ममता, स्नेह, करुणा और स्वतंत्रता की भावना को समझें।
प्रश्नों का अभ्यास करें: बहुविकल्पीय और लघु उत्तरीय प्रश्नों को हल करके अपनी तैयारी को बेहतर करें।
उत्तर जांचें: अपने लिखे हुए उत्तरों की तुलना NCERT Solutions से करके गलतियों को पहचानें।
परीक्षा की तैयारी करें: कहानी के महत्वपूर्ण प्रश्नों और उनके उत्तरों को दोहराकर रिवीजन करें।
पात्रों को समझें: ताई और मिट्ठू के संबंध तथा जगन मास्टर के व्यक्तित्व को समझने में मदद मिलेगी।
“संवादहीन” कहानी विद्यार्थियों को यह समझने में मदद करती है कि मनुष्य के जीवन में संवाद, अपनापन और भावनात्मक जुड़ाव कितना महत्वपूर्ण है। PW के NCERT Solutions छात्रों को अध्याय के प्रश्नों के उत्तर समझने, अपने उत्तरों को जांचने और परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण विषयों का रिवीजन करने में मदद करते हैं।
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