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कक्षा 10 भूगोल अध्याय 1 संसाधन और विकास NCERT Solutions

कक्षा 10 भूगोल अध्याय 1 ‘संसाधन और विकास’ के NCERT Solutions में संसाधनों के प्रकार, भूमि उपयोग, मृदा, भूमि निम्नीकरण और सतत विकास से जुड़े प्रश्नों के सरल उत्तर दिए गए हैं। इससे आपको अवधारणाएं समझने और परीक्षा के लिए बेहतर तैयारी करने में मदद मिलेगी।
authorImageEkta Rakesh Singh17 Aug, 2026

 

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान भूगोल अध्याय 1 - संसाधन और विकास के लिए NCERT समाधान आपको इस महत्वपूर्ण अध्याय की स्पष्ट समझ बनाने में मदद करते हैं। आपको कभी-कभी भूगोल के कुछ विषय भ्रमित करने वाले लग सकते हैं, और इन समाधानों को दोहराव (रिवीजन) को आसान बनाने तथा अवधारणाओं को अधिक समझने योग्य बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

ये समाधान संसाधनों के अर्थ, उनके प्रकारों और किसी देश के विकास में उनकी भूमिका की व्याख्या करते हैं। वे संसाधनों के अत्यधिक उपयोग, पर्यावरणीय क्षरण (नुकसान) और सतत आर्थिक विकास (सतत पोषणीय विकास) की आवश्यकता जैसे मुद्दों पर भी प्रकाश डालते हैं। सरल स्पष्टीकरणों और प्रासंगिक उदाहरणों के साथ, ये NCERT समाधान आपको अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने और उत्तर-लेखन कौशल में सुधार करने में मदद करते हैं।

संसाधन और विकास कक्षा 10 NCERT Solutions

सामाजिक विज्ञान भूगोल के कक्षा 10 के अध्याय 1 संसाधन और विकास के लिए NCERT समाधान। "संसाधन": इस अध्याय में, आप संसाधनों के बारे में विस्तार से सीखेंगे। हमारे पर्यावरण में उपलब्ध हर वस्तु जो हमारी आवश्यकताओं को पूरा करने में प्रयुक्त की जा सकती है, एक संसाधन है। इसका आर्थिक रूप से संभाव्य, सांस्कृतिक रूप से मान्य और प्रौद्योगिकीय रूप से सुलभ होना आवश्यक है।

कक्षा 10 सामाजिक विज्ञान भूगोल अध्याय 1 के लिए NCERT समाधान आपको संसाधन और विकास की प्रमुख अवधारणाओं को आसानी से समझने में मदद करते हैं। ये समाधान बेहतर सीखने और परीक्षा की तैयारी का समर्थन करने के लिए स्पष्ट स्पष्टीकरण और उदाहरण प्रदान करते हैं।

1. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

1) पंजाब में भूमि निम्नीकरण (land degradation) का मुख्य कारण निम्नलिखित में से कौन सा है? (a) गहन खेती

(b) वनोन्मूलन (वनों की कटाई)

(c) अत्यधिक सिंचाई (अधिक सिंचाई)

(d) अति पशुचारण

उत्तर: (c) अत्यधिक सिंचाई

2) निम्नलिखित में से किस राज्य में सीढ़ीदार (सोपानी) खेती (terrace cultivation) की जाती है? (a) पंजाब

(b) उत्तर प्रदेश के मैदान

(c) हरियाणा

(d) उत्तराखंड

उत्तर: (d) उत्तराखंड

3) निम्नलिखित में से किस राज्य में मुख्य रूप से काली मृदा (black soil) पाई जाती है? (a) जम्मू और कश्मीर

(b) महाराष्ट्र

(c) राजस्थान

(d) झारखंड

उत्तर: (b) महाराष्ट्र

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए।

(i) उन तीन राज्यों के नाम बताइए जहाँ काली मृदा पाई जाती है और इस पर मुख्य रूप से उगाई जाने वाली फसल का नाम लिखिए।

उत्तर:

3 राज्य हैं:

  • महाराष्ट्र

  • गुजरात

  • मध्य प्रदेश

इस मृदा पर उगाई जाने वाली मुख्य फसल कपास है।

(ii) पूर्वी तट के नदी डेल्टाओं पर किस प्रकार की मृदा पाई जाती है? इस प्रकार की मृदा की तीन मुख्य विशेषताएँ बताइए।

उत्तर:

नदी डेल्टाओं में जलोढ़ मृदा (Alluvial soil) पाई जाती है। अपनी उच्च उर्वरता के कारण यह फसलों की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त है। यह रेत, सिल्ट और मृत्तिका (clay) के विभिन्न अनुपातों से बनी होती है। जलोढ़ मृदा में फॉस्फोरिक एसिड, चूना (lime) और पोटाश प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो गन्ने और धान (चावल) की वृद्धि के लिए बहुत फायदेमंद हैं।

(iii) पहाड़ी क्षेत्रों में मृदा अपरदन (soil erosion) की रोकथाम के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं?

उत्तर:

लागू की जाने वाली प्राथमिक विधियाँ नीचे सूचीबद्ध हैं:

  • समोच्च रेखीय जुताई (Contour ploughing) द्वारा।

  • सीढ़ीदार या सोपान खेती (Terrace cultivation) बनाकर।

  • फसलों के बीच में घास की पट्टियाँ उगाने की अनुमति दी जाती है। इस तकनीक को पट्टी कृषि (Strip cropping) कहा जाता है।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 120 शब्दों में दीजिए।

(i) भारत में भूमि उपयोग प्रारूप (land use pattern) की व्याख्या कीजिए और 1960-61 से वनों के अंतर्गत भूमि में बहुत अधिक वृद्धि क्यों नहीं हुई है?

उत्तर: भू-आकृति (टोपोग्राफी), जलवायु और मृदा के प्रकार जैसी भौतिक विशेषताएँ, साथ ही जनसंख्या घनत्व, तकनीकी क्षमता, संस्कृति और परंपराएँ जैसे मानवीय कारक, सभी इस बात को प्रभावित करते हैं कि भूमि का उपयोग कैसे किया जाता है।

शुद्ध बोए गए क्षेत्र (net sown area) के प्रारूप में विभिन्न राज्यों में बहुत भिन्नता है। पंजाब और हरियाणा में यह कुल क्षेत्रफल के 80% से अधिक भाग पर है, जबकि अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मणिपुर और अंडमान निकोबार द्वीप समूह में यह 10% से भी कम क्षेत्र पर है। राष्ट्रीय वन नीति (1952) में निर्धारित नीति के अनुसार, देश का वन क्षेत्र इसके कुल भूमि क्षेत्र के लक्षित 33% से बहुत कम है। पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए इसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया था। बंजर भूमि और गैर-कृषि उपयोगों में लगाई गई भूमि (जैसे सड़कें, रेलमार्ग, उद्योग और बस्तियाँ) इसमें शामिल हैं। इसमें चट्टानी, शुष्क और मरुस्थलीय भूमि आती है। आवश्यक संरक्षण और प्रबंधन उपायों के बिना किसी संसाधन के दीर्घकालिक और निरंतर दोहन के परिणामस्वरूप भूमि निम्नीकरण (land degradation) होता है।

(ii) तकनीकी और आर्थिक विकास के कारण संसाधनों का अधिक उपभोग कैसे हुआ है?

उत्तर:

यह कुछ कारकों के कारण है:

  • बड़े पैमाने पर विनिर्माण (उत्पादन) के परिणामस्वरूप संसाधनों का अत्यधिक उपयोग हुआ।

  • प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) के विकास ने संसाधनों के दोहन को बढ़ा दिया है।

  • स्वास्थ्य और चिकित्सा संसाधनों तक बढ़ती पहुंच के परिणामस्वरूप संसाधनों का बड़े पैमाने पर उपभोग हुआ है।

कक्षा 10 संसाधन और विकास NCERT Solution का प्रभावी ढंग से उपयोग कैसे करें?

छात्र इस अध्याय के सभी महत्वपूर्ण अवधारणाओं और प्रश्नों को स्पष्ट रूप से समझने के लिए कक्षा 10 संसाधन और विकास NCERT समाधान का उपयोग कर सकते हैं। ये समाधान, कक्षा 10 के नोट्स और अतिरिक्त प्रश्नों के साथ, परीक्षा की प्रभावी तैयारी और अवधारणा की स्पष्टता में मदद करते हैं।

  • अध्याय की बेहतर समझ के लिए CBSE कक्षा 10 के नोट्स के साथ कक्षा 10 संसाधन और विकास समाधान का उपयोग करें।

  • अध्याय में सभी महत्वपूर्ण विषयों, प्रश्नों और अवधारणाओं पर स्पष्टता प्राप्त करने के लिए इन समाधानों को देखें।

  • समस्या-समाधान कौशल को मजबूत करने के लिए संसाधन और विकास कक्षा 10 के अतिरिक्त प्रश्नों का अभ्यास करें।

  • समझें कि संसाधनों की लापरवाही और अत्यधिक उपयोग किस प्रकार पर्यावरणीय क्षरण (नुकसान) का कारण बनते हैं।

  • सतत विकास (सतत पोषणीय विकास) और जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन के महत्व को जानें।

  • आसानी से सीखने और बेहतर ढंग से याद रखने के लिए चरण-दर-चरण स्पष्टीकरण और वास्तविक जीवन के उदाहरणों का पालन करें।

  • अपने अभ्यास को परीक्षा के पैटर्न के अनुरूप बनाकर परीक्षाओं के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करें।

यहां भी पढ़ें: 

 

Sansadhan aur vikas kaksha 10 NCERT samadhan FAQs

Kaksha 10 sansadhan aur vikas NCERT samadhan ka uddeshya kya hai?

उत्तर: इन समाधानों का उद्देश्य छात्रों को अध्याय की सभी महत्वपूर्ण अवधारणाओं और प्रश्नों को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाना है।

Kya yeh samadhan pariksha ki taiyari ke liye sahayak hai?

उत्तर: हाँ, ये समाधान सीबीएसई कक्षा 10 के पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न के अनुसार सटीक उत्तर देकर परीक्षा की तैयारी को आसान और प्रभावी बनाते हैं।

Kya chhatra kaksha 10 ke notes ke saath inka upyog kar sakte hai?

उत्तर: हाँ, बेहतर वैचारिक स्पष्टता और त्वरित दोहराव (quick revision) के लिए छात्र इनका उपयोग अपनी कक्षा 10 के नोट्स के साथ कर सकते हैं।
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