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कक्षा 10 इतिहास अध्याय 2 भारत में राष्ट्रवाद NCERT Solution

कक्षा 10 इतिहास अध्याय 2 भारत में राष्ट्रवाद NCERT Solution से आप महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर, प्रमुख आंदोलनों और घटनाओं को आसानी से समझ सकते हैं। यह परीक्षा के लिए रिवीजन और उत्तर-लेखन का अभ्यास करने में मदद करता है।
authorImageEkta Rakesh Singh14 Aug, 2026

 

कक्षा 10 इतिहास अध्याय 2 भारत में राष्ट्रवाद भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के विकास, प्रमुख आंदोलनों और महत्वपूर्ण नेताओं को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। इस अध्याय में प्रथम विश्व युद्ध, सत्याग्रह, रॉलेट एक्ट, जलियांवाला बाग हत्याकांड, असहयोग आंदोलन और सविनय अवज्ञा आंदोलन जैसे विषय शामिल हैं। NCERT Solution की मदद से आप अध्याय के प्रश्नों के उत्तर आसानी से समझ सकते हैं। इससे कठिन विषयों को दोहराने और परीक्षा में सटीक उत्तर लिखने में मदद मिलती है। साथ ही, महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास करके आप अपनी परीक्षा की तैयारी को और बेहतर कर सकते हैं।

भारत में राष्ट्रवाद कक्षा 10 NCERT Solution

यहाँ भारत में राष्ट्रवाद कक्षा 10 के महत्वपूर्ण प्रश्न और उत्तर दिए गए हैं जो आपको प्रमुख घटनाओं, आंदोलनों और नेताओं को समझने में मदद करते हैं।

इन प्रश्न-उत्तरों (Q&A) का अभ्यास करने से बेहतर समझ और प्रभावी परीक्षा तैयारी में मदद मिलती है। NCERT Solutions के अलावा, छात्र अपनी समझ को मजबूत करने और परीक्षा की तैयारी में सुधार करने के लिए भारत में राष्ट्रवाद कक्षा 10 के अतिरिक्त प्रश्नों का भी अभ्यास कर सकते हैं।

(अ) उपनिवेशों में राष्ट्रवाद का विकास उपनिवेशवाद-विरोधी आंदोलन से क्यों जुड़ा हुआ है?

उत्तर: उपनिवेशीकरण ने लोगों की स्वतंत्रता की भावना को कमजोर कर दिया था, और साम्राज्यवादी प्रभुत्व के खिलाफ लड़ाई ने राष्ट्रवादी भावनाओं को मजबूत किया। उत्पीड़न और शोषण की सामूहिक भावना के कारण, जीवन के सभी क्षेत्रों के लोग एक साथ आए, जिससे राष्ट्रवादी विचारधाराओं को बढ़ावा मिला। इसलिए, उपनिवेशों में राष्ट्रवाद का विकास उपनिवेशवाद-विरोधी आंदोलनों के साथ मेल खाता है।

(ब) प्रथम विश्व युद्ध ने भारत में राष्ट्रीय आंदोलन के विकास में किस प्रकार मदद की।

उत्तर: प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सेना ने भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में जबरन भर्ती का सहारा लिया। रक्षा बजट की भरपाई के लिए उच्च आयकर और सीमा शुल्क लगाए गए। इसके अलावा, 1918 और 1920 के दौरान भारत के कई राज्यों में फसलें खराब हो गईं, जिससे भोजन की भारी कमी हो गई। इन सभी कारणों से ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ एक व्यापक विरोध शुरू हुआ और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में दृढ़ संकल्प की एक नई भावना पैदा हुई।

(स) भारतीय लोग रॉलेट एक्ट से क्यों आक्रोशित थे।

उत्तर: रॉलेट एक्ट ने संदिग्धों को बिना किसी आरोप के हिरासत में रखने और बिना जूरी के कुछ राजनीतिक अपराधों के मुकदमे चलाने की अनुमति दी थी। भारतीय सदस्यों के विरोध के बावजूद इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल ने जल्दबाजी में रॉलेट एक्ट पारित कर दिया था। इसने सरकार को राजनीतिक गतिविधियों को कुचलने का अधिकार दिया और राजनीतिक कैदियों को बिना किसी आरोप या मुकदमे के दो साल तक हिरासत में रखने की शक्ति दी। इस कानून से भारतीय आक्रोशित थे क्योंकि इसने उनके राष्ट्रीय सम्मान को ठेस पहुँचाई थी और यह पूरी तरह से क्रूर और अलोकतांत्रिक था।

(द) गांधीजी ने असहयोग आंदोलन को वापस लेने का निर्णय क्यों लिया।

उत्तर: गांधीजी ने सार्वजनिक हिंसा की कई घटनाओं के परिणामस्वरूप असहयोग आंदोलन को समाप्त करने का निर्णय लिया, विशेष रूप से 1922 की चौरी-चौरा की घटना, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से झड़प की और एक पुलिस थाने में आग लगा दी थी। गांधीजी का मानना था कि सत्याग्रहियों को शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के लिए उचित रूप से प्रशिक्षित किए जाने की आवश्यकता है क्योंकि देश के लोग अभी बड़े पैमाने पर जन-विद्रोह के लिए तैयार नहीं थे।

2. सत्याग्रह के विचार का क्या अर्थ है?

उत्तर: सत्याग्रह का शाब्दिक अर्थ "सत्य के प्रति दृढ़ रहना" या "सत्य" और "आग्रह" (सत्य पर डटे रहना) है। सत्याग्रह सविनय अवज्ञा (सिविल डिसओबेडिएंस) का एक अहिंसक रूप है। यह जनसमूह को लामबंद करने की एक नई रणनीति थी। सत्याग्रह का विचार सत्य के महत्व और उसकी खोज की आवश्यकता पर बल देता है। इसका अर्थ यह था कि यदि कारण सच्चा है और संघर्ष न्याय के लिए है, तो उत्पीड़क (दमनकारी) का विरोध करने के लिए शारीरिक बल का उपयोग करने की आवश्यकता नहीं है।

3. निम्नलिखित पर एक समाचार पत्र की रिपोर्ट लिखिए:

(अ) जलियांवाला बाग हत्याकांड 

3 अप्रैल, 1919 को जलियांवाला बाग के बंद मैदान में एक बड़ी भीड़ जमा हुई थी, जिसमें कुछ लोग पारंपरिक बैसाखी मेले में शामिल होने आए थे और कुछ ब्रिटिश प्रशासन के क्रूर तौर-तरीकों का विरोध करने आए थे। ये नागरिक इस बात से अनजान थे कि शहर में मार्शल लॉ लागू कर दिया गया था। कमांडर जनरल डायर ने बाग के निकास द्वारों (बाहर निकलने के रास्तों) को बंद कर दिया और वहाँ मौजूद लोगों पर गोलियां चलवा दीं। सत्याग्रहियों को डराना डायर की योजना थी ताकि एक "नैतिक प्रभाव" पैदा किया जा सके। ब्रिटिश सैनिकों की अंधाधुंध गोलीबारी में सैकड़ों निर्दोष लोग मारे गए या घायल हो गए, जिससे जनता में भारी आक्रोश फैल गया। जलियांवाला बाग की घटना भारतीय इतिहास की सबसे भीषण आपदाओं में से एक थी।

(ब) साइमन कमीशन ब्रिटिश

सरकार द्वारा भारत सरकार अधिनियम 1919 की समीक्षा के लिए एक आयोग की स्थापना की गई थी। इस आयोग के उद्देश्य अधिनियम के कामकाज की जांच करना और प्रशासनिक प्रणाली में और सुधारों के लिए सुझाव देना था। इसके अध्यक्ष सर जॉन साइमन थे, उन्हीं के नाम पर इस आयोग का नाम रखा गया था। हालाँकि, इस कमीशन में एक भी भारतीय सदस्य का न होना भारतीय राष्ट्रवादियों के लिए विवाद का मुख्य बिंदु था। परिणामस्वरूप, 1928 में जब साइमन कमीशन भारत पहुँचा, तो उसका स्वागत "साइमन वापस जाओ" (गो बैक साइमन) के नारों से किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में मुस्लिम लीग और कांग्रेस सहित अन्य दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था।

परीक्षा में भारत में राष्ट्रवाद कक्षा 10 NCERT समाधान कैसे मदद करते हैं?

कक्षा 10 इतिहास का अध्याय 2 'भारत में राष्ट्रवाद' छात्रों को प्रमुख आंदोलनों और नेताओं को स्पष्ट रूप से समझने में मदद करता है। एनसीईआरटी समाधानों के साथ, भारत में राष्ट्रवाद कक्षा 10 के अतिरिक्त प्रश्नों का अभ्यास करने से परीक्षा की तैयारी मजबूत होती है।

  • स्पष्ट समझ: छात्रों को भारत में राष्ट्रवाद की महत्वपूर्ण घटनाओं, आंदोलनों और नेताओं को समझने में मदद करता है।

  • सटीक उत्तर: अभ्यास के सभी प्रश्नों के लिए विश्वसनीय समाधान प्रदान करता है।

  • परीक्षा-केंद्रित: प्रभावी तैयारी के लिए सीबीएसई कक्षा 10 के परीक्षा पैटर्न के अनुरूप है।

  • त्वरित दोहराव: अंतिम समय के रिवीजन के लिए उपयोगी सीबीएसई कक्षा 10 के नोट्स के रूप में काम करता है।

  • अभ्यास संसाधन: बेहतर समझ के लिए छात्र भारत में राष्ट्रवाद कक्षा 10 के अतिरिक्त प्रश्नों का भी प्रयास कर सकते हैं।

यहां भी पढ़ें: 

NCERT Solutions for kaksha 10 Social Science History adhyay 2 FAQs

Kaksha 10 ke 'bharat me rashtravad' chapter mein kya-kya shamil hai?

यह भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन, मुख्य घटनाओं, नेताओं और ब्रिटिश शासन के दौरान राष्ट्रवाद के विकास के बारे में बताता है।

Kya yeh NCERT samadhan CBSE kaksha 10 ke pathyakram par aadharit hai?

हाँ, सभी उत्तर पूरी तरह से CBSE कक्षा 10 के नवीनतम सिलेबस और परीक्षा पैटर्न के अनुसार हैं।

NCERT samadhan pariksha ki taiyari mein kaise madad karte hai?

वे स्पष्ट और व्यवस्थित जवाब देते हैं, जिससे समझ बेहतर होती है और परीक्षा के लिए सटीक जवाब लिखने में मदद मिलती है।
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