हर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में एक ऐसा दौर आता है, जब मेहनत और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। त्रिदीप के लिए भी यह सफर आसान नहीं था। फुल-टाइम नौकरी के साथ CAT की तैयारी करते हुए उनके पास तय समय पर क्लास करने की सुविधा नहीं थी।
ऐसे समय में MBA Wallah ने उन्हें रिकॉर्डेड लेक्चर, PDF, क्विज़ और मॉक टेस्ट जैसे संसाधनों के जरिए अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई करने का मौका दिया। लगातार मेहनत, सही रणनीति और समय के बेहतर इस्तेमाल की बदौलत उन्होंने न केवल CAT में शानदार प्रदर्शन किया, बल्कि IIM Bangalore में सीट कन्वर्ट कर अपने सपने को भी साकार किया।
CAT की तैयारी के दौरान त्रिदीप फुल-टाइम नौकरी कर रहे थे। ऐसे में उनके लिए नियमित रूप से लाइव क्लास करना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि इसी वजह से उन्होंने ऑनलाइन MBA कोचिंग के विकल्पों को देखना शुरू किया।
“जब मैंने तैयारी करने के बारे में सोचा, तो नौकरी करते हुए मुझे लगा कि मैं लाइव लेक्चर नहीं कर सकता।”
ऑफलाइन कोचिंग को लेकर भी उनका मानना था कि वहां रोज जाना पड़ता था, जो नौकरी के साथ संभव नहीं था।
“अगर मैं ऑफलाइन कोचिंग लेता, तो मुझे हर दिन जाना पड़ता और रिकॉर्डेड चीजें लाइव जितनी परफेक्ट नहीं होतीं।”
इसके बाद उन्होंने अलग-अलग ऑनलाइन MBA कोचिंग की तुलना की। उनके अनुसार, कई संस्थानों की फीस काफी अधिक थी। इसके बाद उन्होंने Physics Wallah के MBA Wallah को चुना।
“उसके बाद मैंने ऑनलाइन MBA कोचिंग देखी। बहुत सारी कोचिंग काफी ज्यादा फीस ले रही थीं, लेकिन इस कीमत और कंटेंट के मामले में PW बहुत अच्छा था।”
त्रिदीप को PW के बारे में पहले से ही जानकारी थी। उनके एक दूर के रिश्तेदार JEE की तैयारी कर रहे थे और उन्होंने PW से कोर्स लिया था। इसी के जरिए त्रिदीप को PW के बारे में पता चला।
“मेरा एक दूर का रिश्तेदार है, जो JEE की तैयारी कर रहा था। उसी समय उसने PW से कोर्स लिया था। वहीं से मुझे पता चला कि PW बहुत कम कीमत पर कोर्स उपलब्ध करा रहा है।”
CAT की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग चुनते समय उन्होंने फीस और कंटेंट को भी ध्यान में रखा।
“ मैंने ऑनलाइन MBA कोचिंग देखी। बहुत सारी कोचिंग काफी ज्यादा फीस ले रही थीं, लेकिन इस कीमत और कंटेंट के मामले में PW अच्छा था।”
उन्होंने आगे कहा:
“मुझे PW पर भरोसा था।”
त्रिदीप ने बताया कि उन्होंने 2023 CAT के लिए भी MBA Wallah का सामान्य कोर्स लिया था। हालांकि, उस समय वह नियमित रूप से पढ़ाई नहीं कर पाए थे। उन्होंने कुछ लेक्चर देखे थे, लेकिन उस समय वह नौकरी में नए थे और वहां सेटल होने में समय लग रहा था। इसके बाद उन्होंने दोबारा प्रो कोर्स लिया।
“इस बार मैंने फिर से प्रो कोर्स लिया और इसका कंटेंट वास्तव में बहुत अच्छा था।”
नौकरी के कारण त्रिदीप के लिए MBA Wallah रिकॉर्डेड लेक्चर उनकी तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे। वह वे अपनी उपलब्धता के अनुसार क्लास करते थे। खाली समय मिलने पर वह एक साथ कई क्लास कर लेते थे। साथ ही वो नोट्स भी बनाते थे l
“सबसे महत्वपूर्ण रिकॉर्डेड लेक्चर थे, क्योंकि मैं लाइव कंटेंट नहीं देख पाता था। मैं नौकरी करता था।”
“जब भी मुझे खाली समय मिलता था, मैं एक साथ तीन-चार क्लास 1x या 2x पर कर लेता था।”
“मैंने नोट्स भी बनाए।”
इसके अलावा त्रिदीप ने क्विज फीचर का भी इस्तेमाल किया और इसे अपनी तैयारी में इसे मददगार बताया।
PDF को डाउनलोड करके सेव करने की सुविधा का भी उन्होंने इस्तेमाल किया। उनके अनुसार, हर समय इंटरनेट या अच्छा नेटवर्क उपलब्ध होना संभव नहीं हो पाता था।
“क्विज वाला फीचर भी मेरे लिए मददगार था।”
“ज्यादातर PDF हम डाउनलोड करके अपने लोकल में सेव कर सकते थे। दूसरे इंस्टीट्यूट में ऐसा नहीं था।”
“हर बार इंटरनेट होना संभव नहीं है और नेटवर्क भी हमेशा अच्छा नहीं होता। इसलिए मैं PDF ले लेता था।”
यात्रा के दौरान भी उन्होंने इन PDF का इस्तेमाल किया जैसे फ्लाइट और ट्रैवलिंग के दौरानl
“मैं फ्लाइट और ट्रैवलिंग के दौरान भी PDF सॉल्व करता था।”
CAT की तैयारी में त्रिदीप ने मॉक टेस्ट पर खास ध्यान दिया। उनकी रणनीति केवल ज्यादा से ज्यादा मॉक देने की नहीं थी, बल्कि हर मॉक का दोबारा एनालिसिस करना भी इसका हिस्सा था। उन्होंने बताया कि करीब तीन महीने में उन्होंने 50-50 मॉक दिए। मॉक देने के बाद वह उसी दिन उसका एनालिसिस करते थे और अगले दिन भी उसे दोबारा देखते थे।
“लगभग तीन महीने में मैंने 50-50 मॉक दिए।”
“जिस दिन मैं मॉक देता था, आमतौर पर दोपहर या सुबह में, उसी शाम मैं उसका एनालिसिस करता था। अगले दिन फिर से मैं उसका एनालिसिस करता था।मैंने उन दो दिनों को एक मॉक के लिए दिया, क्योंकि मैंने बहुत सारे सवालों को अलग-अलग तरीके से देखा था।”
मॉक के सवालों को समझने से उन्हें परीक्षा में आने वाले सवालों के तरीके को पहचानने में मदद मिली। कठिन सवालों को लेकर भी उन्होंने अपनी रणनीति बताई।
“मुझे पता था कि इसी तरह के सवाल आएंगे। बस उनके नंबर बदले हो सकते हैं।
त्रिदीप ने CAT की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए मॉक टेस्ट को समझने और उसके सही एनालिसिस पर जोर दिया। उनके मुताबिक, मॉक देने और उसका एनालिसिस करने से भी उन्हें काफी मदद मिली।
“मॉक देने और मॉक का एनालिसिस करने से मुझे बहुत मदद मिली।”
उन्होंने कहा —“प्लीज मॉक टेस्ट को समझिए, क्योंकि आपकी फाइनल तैयारी और फाइनल सिलेक्शन में इसका बहुत महत्वपूर्ण रोल है।CAT क्रैक करने के लिए सिर्फ पढ़ाई जरूरी है, लेकिन मॉक भी उतना ही बराबर रोल निभाता है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल लगातार मॉक देने से फायदा नहीं होगा। मॉक के बाद अपनी गलतियों को देखना और सही सवालों को और बेहतर तरीके से हल करने की कोशिश करना जरूरी है।
“सही तरीके से एनालिसिस करना जरूरी है, वरना बस एक के बाद एक मॉक देने का कोई मतलब नहीं है। एनालिसिस करो, कहां गलतियां हो रही हैं देखो। अपनी गलतियों पर काम करो और जो सही चल रहा है, उसे और बेहतर करो।”
सवाल हल करने की स्पीड और दूसरे तरीकों को समझने पर भी उन्होंने ध्यान दिया।
“हो सकता है कि हम किसी सवाल में दो मिनट लगा रहे हों और कोई उसे 30 सेकंड में कर रहा हो। देखो कि वह कौन-सा शॉर्टकट अप्लाई कर रहा है।”
उन्होंने बताया कि यह हिस्सा उनके लिए उपयोगी रहा।
त्रिदीप ने अपनी तैयारी में नोट्स को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही उन्होंने पेन सपोर्ट करने वाले टैब का विकल्प भी बताया।
“नोट्स तो महत्वपूर्ण हैं, लेकिन एक अतिरिक्त चीज है। अगर कोई इसे अफोर्ड कर सकता है, जैसे मैं नौकरी करते हुए अफोर्ड कर सकता था, तो आप पेन सपोर्ट करने वाला कोई टैब खरीद सकते हैं।”
उनकी बताई तैयारी में रिकॉर्डेड लेक्चर, नोट्स, PDF, क्विज़ और मॉक टेस्ट शामिल रहे। मॉक टेस्ट के बाद उसका दो बार एनालिसिस करना उनकी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा था।
CAT की तैयारी पूरी करने के बाद त्रिदीप ने IIM Bangalore में सीट कन्वर्ट की। उन्होंने खुद इसकी जानकारी देते हुए कहा, ““मैंने IIM Bangalore में सीट कन्वर्ट कर ली।”
त्रिदीप की बताई तैयारी में नौकरी के साथ पढ़ाई के लिए रिकॉर्डेड लेक्चर का इस्तेमाल, नोट्स बनाना, PDF को सेव करके जरूरत के अनुसार पढ़ना और मॉक टेस्ट देना शामिल रहा। मॉक टेस्ट के बाद उसका दो बार एनालिसिस करना भी उनकी तैयारी का अहम हिस्सा था।
त्रिदीप ने फुल-टाइम नौकरी के साथ CAT की तैयारी की और IIM Bangalore में सीट कन्वर्ट की। नौकरी के कारण उन्होंने रिकॉर्डेड लेक्चर को प्राथमिकता दी। पढ़ाई में नोट्स, PDF और क्विज का इस्तेमाल किया। वहीं, मॉक टेस्ट उनकी तैयारी का अहम हिस्सा रहे, जिनका उन्होंने करीब तीन महीने में लगभग 50 बार अभ्यास और दो-दो बार एनालिसिस किया।
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