NEET की तैयारी में सबसे कठिन काम केवल सिलेबस पूरा करना नहीं, बल्कि अपनी गलतियों को पहचानकर उन्हें सुधारना होता है। कई छात्र एक असफल प्रयास के बाद बिना रणनीति बदले दोबारा तैयारी शुरू कर देते हैं, जिससे वही गलतियां दोहराई जाती हैं। आगरा के अज़हर खान ने भी पहले प्रयास में निराशा का सामना किया, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी कमियों का विश्लेषण किया, तैयारी का तरीका बदला और मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाया। Physics Wallah के साथ वर्षों तक लगातार पढ़ाई और सही रणनीति की बदौलत उन्होंने आखिरकार NEET 2026 में 623 अंक और AIR 4536 हासिल कर यह साबित कर दिया कि सफलता केवल मेहनत से नहीं, बल्कि सही दिशा में की गई मेहनत से मिलती है।
अज़हर का Physics Wallah के साथ सफर बहुत पहले शुरू हो गया था। उन्होंने बताया कि वे कक्षा 9 में PW के ऑनलाइन Sprint Batch से जुड़े। इसके बाद 10वीं में Udaan batch से पढ़ाई की, जहां उन्होंने 98% अंक हासिल किए।
"मैं आगरा से हूं और मैंने Physics Wallah के साथ बहुत शुरुआत से पढ़ाई की है। 9वीं में मैंने PW का ऑनलाइन Sprint Batch जॉइन किया था। फिर 10वीं में 2023 के Udaan Batch से पढ़ाई की, जिसमें मेरे 98% अंक आए। इसके बाद 12वीं में मैंने Arjuna Batch और Lakshya Batch से तैयारी की और बोर्ड परीक्षा में 96.2% अंक हासिल किए। मुझे लगता है कि शुरुआत से PW के साथ पढ़ने की वजह से मेरी बुनियाद मजबूत हुई और उसी का फायदा मुझे NEET की तैयारी में भी मिला।"
अज़हर के लिए पहला NEET प्रयास उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। परीक्षा में उन्हें केवल 57 अंक मिले और वे उत्तर प्रदेश के कटऑफ से सिर्फ 2 अंक पीछे रह गए।
हालांकि यह परिणाम निराशाजनक था, लेकिन उन्होंने इसे अपनी तैयारी खत्म होने का संकेत नहीं माना। उन्होंने समझा कि केवल ड्रॉप लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपनी गलतियों की पहचान करना सबसे ज्यादा जरूरी है।
"कटऑफ से सिर्फ दो नंबर रह गया था, लेकिन तभी समझ आया कि सिर्फ ड्रॉप लेने से नहीं, अपनी गलतियों को पहचानने से सफलता मिलेगी।"
अज़हर का मानना है कि कई छात्र बिना आत्मविश्लेषण किए बार-बार ड्रॉप ले लेते हैं। वे वही तैयारी दोहराते हैं, लेकिन अपनी कमजोरियों पर काम नहीं करते।
उनके अनुसार तैयारी के दौरान सबसे जरूरी है यह समझना कि कमी कहां रह गई—क्या पर्याप्त टेस्ट नहीं दिए गए, क्या समय प्रबंधन कमजोर था या परीक्षा के दौरान घबराहट ने प्रदर्शन प्रभावित किया।
उन्होंने अपनी तैयारी में इन्हीं पहलुओं पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया और धीरे-धीरे प्रदर्शन में लगातार सुधार किया।
अज़हर का मानना है कि NEET केवल विषयों की जानकारी का टेस्ट नहीं है, बल्कि यह आपकी मानसिक स्थिति की भी परीक्षा लेता है।
उन्होंने बताया कि कई छात्र पूरे साल मॉक टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, लेकिन वास्तविक परीक्षा के दिन घबरा जाते हैं। उनके अनुसार यदि प्रश्नपत्र अपेक्षा से अलग हो, तब भी शांत रहना सबसे बड़ी ताकत होती है।
NEET 2026 का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि Biology और Physics-Chemistry के प्रश्नों का स्तर अलग था, जिससे कई छात्र घबरा गए। लेकिन ऐसे समय में संयम बनाए रखना ही सफलता की कुंजी है।
"NEET सिर्फ नॉलेज का एग्जाम नहीं है, बल्कि आपकी मेंटालिटी का भी एग्जाम है। एग्जाम हॉल में पैनिक नहीं करना चाहिए।"
अज़हर को Biology का Inheritance and Variation अध्याय सबसे अधिक पसंद था। Genetics में उनकी विशेष रुचि थी और वे पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर Haplogroup जैसे विषयों के बारे में भी पढ़ते थे।
उनका मानना है कि किसी विषय में रुचि विकसित होने पर उसे समझना आसान हो जाता है और लंबे समय तक याद भी रहता है।
अज़हर छात्रों को सलाह देते हैं कि केवल ड्रॉप लेना सफलता की गारंटी नहीं है। सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि पिछली बार गलती कहां हुई थी।
वे मानते हैं कि नियमित मॉक टेस्ट, अपनी गलतियों का विश्लेषण और परीक्षा के दिन शांत रहना अच्छे स्कोर के लिए बेहद आवश्यक है।
"ड्रॉप लेने से पहले अपनी मिस्टेक्स पहचानिए। टेस्ट दीजिए, खुद को एनालाइज कीजिए और एग्जाम वाले दिन घबराइए मत।"
अज़हर खान की कहानी यह साबित करती है कि सफलता केवल अधिक पढ़ाई करने से नहीं, बल्कि सही दिशा में पढ़ाई करने से मिलती है। Physics Wallah के विभिन्न बैचों के साथ वर्षों की तैयारी, मजबूत बुनियाद, आत्मविश्लेषण और सकारात्मक मानसिकता की बदौलत उन्होंने 57 अंकों की निराशा से 623 अंक और AIR 4536 तक का शानदार सफर तय किया।
उनका मानना है
"ये सिर्फ knowledge का exam नहीं है, बल्कि आपकी mentality का भी exam है कि उस दिन panic नहीं करो।"
उनकी यह यात्रा हर NEET अभ्यर्थी को यह संदेश देती है कि यदि आप अपनी गलतियों से सीखने के लिए तैयार हैं और सही मार्गदर्शन के साथ लगातार मेहनत करते हैं, तो असफलता भी आपकी सफलता की सबसे मजबूत नींव बन सकती है।