राजस्थान के बारां जिले की Priti Meena ने NEET 2026 में 491 अंक हासिल किए हैं। उनके लिए डॉक्टर बनना बचपन से देखा हुआ सपना था, लेकिन इस सपने तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं रहा। उनकी शुरुआती पढ़ाई गाँव के हिंदी मीडियम स्कूल से हुई, जहां उनके बेसिक्स मजबूत नहीं हो पाए। 12वीं के बाद उन्होंने NEET की तैयारी के लिए ऑफलाइन कोचिंग का सपना देखा, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति इसमें बाधा बन गई। इसके बाद उन्होंने रेगुलर B.Sc. में दाखिला लिया और YouTube के जरिए PW की ऑनलाइन NEET तैयारी के बारे में जाना। PW से जुड़ने के बाद कॉलेज की पढ़ाई के साथ NEET की तैयारी जारी रखते हुए Priti अपने डॉक्टर बनने के सपने के और करीब पहुंचीं।
Priti की शुरुआती पढ़ाई गाँव के स्कूल से हुई। उस समय उनके परिवार ने उपलब्ध स्कूल में ही उनका दाखिला कराया था। हिंदी मीडियम से पढ़ाई करने के कारण उनकी शुरुआती पढ़ाई की नींव उतनी मजबूत नहीं बन पाई। मेहनत करने के बावजूद उन्हें सही दिशा और मार्गदर्शन नहीं मिल सका।
Priti कहती हैं:
"मैं एक हिंदी मीडियम की छात्रा हूँ। सच कहूँ तो 9वीं कक्षा तक मुझे यह भी ठीक से नहीं पता था कि माइनस × माइनस = प्लस होता है। लगभग हर विषय में मेरी बेसिक्स बहुत कमजोर थीं। मेहनत मैं तब भी बहुत करती थी, लेकिन न ऑनलाइन पढ़ाई के बारे में पता था और न ही कोई सही मार्गदर्शन देने वाला था।"
यही कमजोर शुरुआत आगे चलकर Priti के लिए एक बड़ी चुनौती बनी, लेकिन उन्होंने इसे अपनी पढ़ाई रोकने का कारण नहीं बनने दिया।
9वीं कक्षा के बाद Priti के पिता उन्हें बेहतर स्कूल में पढ़ाना चाहते थे। इसके लिए वे परिवार को शहर लेकर आए। हालांकि बेहतर शिक्षा की इस कोशिश के साथ परिवार की जिम्मेदारियां भी बढ़ गईं। Priti के माता-पिता को रोज गाँव और शहर के बीच आना-जाना पड़ता था।
उनकी माँ आंगनवाड़ी में कार्यकर्ता हैं। इसके साथ वे खेती भी संभालती थीं और रात में घर का पूरा काम करती थीं। Priti ने अपनी माँ को इन सभी जिम्मेदारियों के बीच लगातार मेहनत करते देखा।
अपने परिवार के इस दौर को याद करते हुए Priti बताती हैं:
"9वीं के बाद पापा हमें शहर लेकर आए ताकि मुझे बेहतर स्कूल मिल सके। लेकिन इसके लिए मम्मी-पापा को रोज़ गाँव और शहर के बीच आना-जाना पड़ता था। मम्मी आंगनवाड़ी में कार्यकर्ता हैं, खेती भी संभालती हैं और रात में घर का सारा काम भी करती थीं। कई बार उनका संघर्ष देखकर बहुत बुरा लगता था, लेकिन पढ़ाई की वजह से मैं उनकी ज्यादा मदद भी नहीं कर पाती थी।"
परिवार के इस संघर्ष ने Priti को अपनी पढ़ाई और भविष्य को लेकर और गंभीर बनाया। वे जानती थीं कि उनके माता-पिता उनकी बेहतर शिक्षा के लिए काफी मेहनत कर रहे हैं।
12वीं अच्छे अंकों से पास करने के बाद Priti ने सोचा कि अब वे ऑफलाइन कोचिंग लेकर NEET की तैयारी करेंगी। डॉक्टर बनना उनका बचपन से सपना था, इसलिए वे इसी दिशा में आगे बढ़ना चाहती थीं।
लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण ऑफलाइन कोचिंग का खर्च उठाना संभव नहीं था। ऐसे में घरवालों ने उन्हें B.Sc. करने की सलाह दी और Priti ने रेगुलर B.Sc. में दाखिला ले लिया।
अपने इस दौर के बारे में Priti कहती हैं:
"12वीं अच्छे अंकों से पास करने के बाद मुझे लगा कि अब मैं ऑफलाइन कोचिंग जाकर NEET की तैयारी करूँगी। बचपन से मेरा सिर्फ एक ही सपना था—डॉक्टर बनना। लेकिन घर की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि मुझे कोचिंग भेजा जा सके। घरवालों ने B.Sc. करने को कहा, इसलिए मैंने रेगुलर B.Sc. में एडमिशन ले लिया।"
B.Sc. में दाखिला लेने के बाद भी Priti ने NEET और डॉक्टर बनने के अपने सपने को नहीं छोड़ा। उन्हें बस ऐसा रास्ता चाहिए था, जिससे वे अपनी कॉलेज की पढ़ाई के साथ NEET की तैयारी कर सकें।
B.Sc. की पढ़ाई के दौरान Priti को YouTube पर ऑनलाइन NEET की तैयारी के बारे में पता चला। इसी माध्यम से उन्होंने PW के बारे में जाना और घरवालों से PW का बैच लेने की बात की।
इस फैसले ने उनकी तैयारी की दिशा बदल दी। Priti के लिए अब बिना महंगी ऑफलाइन कोचिंग के NEET की तैयारी करना संभव हो गया।
वे बताती हैं:
"इसी बीच YouTube पर मुझे ऑनलाइन NEET की तैयारी के बारे में पता चला। मैंने घरवालों से PW का बैच लेने की बात की। शुरुआत में वे पूरी तरह तैयार नहीं थे, लेकिन मैंने उन्हें समझाया और आखिरकार बैच ले लिया। यही फैसला मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ बन गया।"
PW से जुड़ने के बाद Priti ने अपनी परिस्थितियों के अनुसार पढ़ाई का तरीका अपनाया और कॉलेज के साथ NEET की तैयारी को आगे बढ़ाया।
Priti के सामने अब एक साथ दो जिम्मेदारियां थीं। एक तरफ रेगुलर B.Sc. की क्लास, टेस्ट, प्रैक्टिकल और एग्जाम थे, तो दूसरी तरफ NEET की तैयारी भी करनी थी।
कॉलेज की व्यस्तता के कारण कई बार उनकी PW की लाइव क्लास छूट जाती थी। लेकिन उन्होंने अपनी तैयारी को रुकने नहीं दिया। वे बाद में रिकॉर्डेड लेक्चर देखकर छूटी हुई क्लास पूरी करती थीं।
अपने इस संघर्ष के बारे में Priti कहती हैं:
"एक तरफ रेगुलर B.Sc. की क्लास, टेस्ट, प्रैक्टिकल और एग्जाम होते थे, तो दूसरी तरफ NEET की तैयारी। कई बार कॉलेज की वजह से PW की लाइव क्लास छूट जाती थी, जिन्हें मैं बाद में रिकॉर्डेड लेक्चर देखकर पूरा करती थी। यह सफर आसान नहीं था, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी। भगवान ने मुझे डॉक्टर बनने का जो एक मौका दिया था, मैं उसे पूरी मेहनत से जीना चाहती थी।"
कॉलेज और NEET की तैयारी को एक साथ संभालना आसान नहीं था, लेकिन डॉक्टर बनने का सपना Priti को लगातार मेहनत करने की प्रेरणा देता रहा।
Priti की कहानी में PW की भूमिका उस समय और महत्वपूर्ण हो जाती है, जब उनके लिए ऑफलाइन कोचिंग का खर्च उठाना संभव नहीं था। ऑनलाइन पढ़ाई के जरिए उन्हें अपनी परिस्थितियों के अनुसार NEET की तैयारी जारी रखने का अवसर मिला।
Priti अपने सफर में PW और उसके शिक्षकों के योगदान को खास तौर पर याद करती हैं:
"आज अगर मैं अपने नाम के आगे "Dr." लगाने के सपने के इतने करीब पहुँच पाई हूँ, तो उसमें सबसे बड़ा योगदान Physics Wallah और उसके सभी शिक्षकों का है। अगर PW का साथ और ऑनलाइन पढ़ाई का यह अवसर नहीं मिलता, तो शायद मेरा डॉक्टर बनने का सपना अधूरा ही रह जाता।"
PW के ऑनलाइन लेक्चर ने Priti को कॉलेज की पढ़ाई के साथ NEET की तैयारी जारी रखने में मदद की। लाइव क्लास छूटने पर रिकॉर्डेड लेक्चर से पढ़ाई पूरी करना उनके लिए तैयारी को लगातार बनाए रखने का एक अहम तरीका रहा।
अपनी इस पूरी यात्रा में Priti ने परिवार और शिक्षकों के सहयोग को महसूस किया। उन्होंने PW की पूरी टीम और अपने सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें NEET की तैयारी में मार्गदर्शन दिया।
Priti कहती हैं:
"PW की पूरी टीम और मेरे सभी शिक्षकों का मैं दिल से धन्यवाद करती हूँ। एक दिन आप सभी से मिलकर व्यक्तिगत रूप से भी "Thank You" कहना चाहती हूँ। आपने सिर्फ मुझे पढ़ाया नहीं, बल्कि मेरे सपने को जीने का मौका दिया।"
गाँव के हिंदी मीडियम स्कूल से पढ़ाई शुरू करने वाली Priti Meena ने कमजोर बेसिक्स, पारिवारिक जिम्मेदारियों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद डॉक्टर बनने का सपना नहीं छोड़ा। रेगुलर B.Sc. के साथ NEET की तैयारी करते हुए उन्होंने PW की ऑनलाइन पढ़ाई और रिकॉर्डेड लेक्चर का सहारा लिया। उनकी कहानी बताती है कि सही अवसर, मेहनत और अपने लक्ष्य पर विश्वास के साथ कठिन परिस्थितियों के बीच भी अपने सपने की ओर आगे बढ़ा जा सकता है।
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