NEET जैसी परीक्षा में केवल पढ़ाई करना काफी नहीं होता, बल्कि पूरे साल अपनी तैयारी के प्रति ईमानदार रहना सबसे बड़ी चुनौती होती है। कई छात्र अच्छे संसाधन मिलने के बावजूद नियमित टेस्ट नहीं देते या पढ़ाई के दौरान खुद से समझौता करने लगते हैं। वैष्णवी गुप्ता ने शुरुआत से ही तय कर लिया था कि वे तैयारी में कोई शॉर्टकट नहीं अपनाएंगी। उन्होंने हर टेस्ट दिया, हर DPP हल की और शिक्षकों के हर निर्देश को पूरी ईमानदारी से फॉलो किया। इसी अनुशासन और निरंतर मेहनत की बदौलत उन्होंने NEET 2026 में 616 अंक और AIR 5766 हासिल कर अपनी सफलता की कहानी लिखी।
वैष्णवी पढ़ाई में शुरू से ही बेहतरीन रही हैं। कक्षा 10 में उन्होंने 98% अंक हासिल किए और अपने जिले की टॉपर भी रहीं।
हालांकि 11वीं और 12वीं के दौरान उन्होंने NEET परीक्षा नहीं दी। बोर्ड परीक्षाओं के बाद उन्होंने मेडिकल क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने का फैसला किया और पूरी गंभीरता के साथ NEET की तैयारी शुरू कर दी।
।वैष्णवी ने अपनी तैयारी को विषयों के अनुसार व्यवस्थित किया। उन्होंने Biology और Physics-Chemistry के लिए अलग-अलग Yakeen Batch से पढ़ाई की। उनके अनुसार सही बैच चुनने के साथ-साथ शिक्षकों के मार्गदर्शन पर पूरा भरोसा करना भी उनकी सफलता की एक बड़ी वजह रहा।
"Yakeen Batch 2.0 था। बायोलॉजी मैंने यकीन 1.0 से की थी, लेकिन फिजिक्स और केमिस्ट्री यकीन 2.0 से पढ़ी।"
उनका कहना है कि उन्होंने शिक्षकों द्वारा बताई गई हर बात को बिना किसी संदेह के अपनाया। चाहे मोटी किताबों से दूरी बनाने की सलाह हो, नोट्स पर फोकस करना हो या नियमित अभ्यास करना—उन्होंने हर निर्देश का पूरी तरह पालन किया।
"टीचर्स को ब्लाइंडली फॉलो किया। उन्होंने जो भी कहा, वही किया। ऑनलाइन पढ़ाई थी, लेकिन कभी ऐसा नहीं लगा कि किसी चीज़ की कमी है।"
वैष्णवी की तैयारी की सबसे बड़ी खासियत उनकी नियमितता थी। उन्होंने बताया कि PW में जब से टेस्ट शुरू हुए, तब से लेकर अंतिम टेस्ट सीरीज तक उन्होंने एक भी टेस्ट नहीं छोड़ा।
इसके अलावा उन्होंने सभी DPP समय पर हल कीं और पूरे साल नियमित रिवीजन करती रहीं। उनके अनुसार यही आदत उन्हें लगातार बेहतर बनाती गई।
"सारे टेस्ट दिए, कोई भी टेस्ट बीच में नहीं छोड़ा। DPP भी पूरी की और नोट्स का बार-बार रिवीजन किया।"
वैष्णवी का मानना है कि PW छात्रों को अभ्यास के लिए पर्याप्त सामग्री उपलब्ध कराता है। उन्होंने AITS, RTS, DPP और बैच टेस्ट सभी को अपनी तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।
उनके अनुसार यदि कोई छात्र केवल PW द्वारा दिए गए कंटेंट को ईमानदारी से पूरा कर ले, तो उसकी तैयारी काफी मजबूत हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि हर लेक्चर के पीछे शिक्षकों का वर्षों का अनुभव होता है, इसलिए छात्रों को उन पर भरोसा करना चाहिए।
वैष्णवी की दिनचर्या पूरी तरह क्लास के अनुसार तय रहती थी। सुबह क्लास शुरू होने से पहले उठना, पूरे दिन पढ़ाई करना और रात तक तय किए गए सभी लक्ष्य पूरे करना उनकी आदत बन चुकी थी।
वे मानती हैं कि हर दिन खुद से यह पूछना जरूरी है कि क्या आज आपने अपने सभी तय लक्ष्य पूरे किए हैं। यही आत्ममूल्यांकन धीरे-धीरे सफलता की ओर ले जाता है।
वैष्णवी के अनुसार NEET की तैयारी में सबसे जरूरी तीन बातें हैं—कंसिस्टेंसी, कॉन्फिडेंस और शिक्षकों पर भरोसा।
वे छात्रों को सलाह देती हैं कि ऑनलाइन पढ़ाई को कभी हल्के में न लें। यदि शिक्षक जो बता रहे हैं, उसे पूरी ईमानदारी से फॉलो किया जाए और खुद से झूठ न बोला जाए, तो सफलता जरूर मिलती है।
"कंसिस्टेंट रहो, कॉन्फिडेंट रहो और टीचर्स जो कह रहे हैं उसे पूरी तरह फॉलो करो। सबसे जरूरी है कि खुद से झूठ मत बोलो और हर दिन अपने लक्ष्य पूरे करो।"
वैष्णवी का मानना है कि NEET जैसी परीक्षा में सफलता के लिए सबसे जरूरी है कि छात्र हर दिन अपने तय लक्ष्य पूरे करें और खुद के प्रति ईमानदार रहें। उनके अनुसार दिन खत्म होने से पहले अपनी तैयारी का ईमानदारी से आकलन करना बेहद जरूरी है।
"अपने आप को झूठ नहीं बोलना है। रात में सोने से पहले खुद से संतुष्ट होना चाहिए कि आज जो तय किया था, वो पूरा किया।"
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