“तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेन्द्र” पाठ में प्रसिद्ध गीतकार शैलेन्द्र के जीवन और उनके संघर्ष का वर्णन किया गया है। इस पाठ में बताया गया है कि उन्होंने फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी “मारे गए गुलफाम” पर आधारित फिल्म “तीसरी कसम” बनाई। यह फिल्म बहुत अच्छी और भावनात्मक थी, लेकिन शुरुआत में इसे अधिक सफलता नहीं मिली। इसके कारण शैलेन्द्र को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। यह पाठ उनके कला-प्रेम, संवेदनशीलता और मेहनत को दर्शाता है तथा सच्चे कलाकार की महानता बताता है।
हिंदी स्पर्श पाठ “तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेन्द्र”के NCERT Solutions
Class 10 Hindi Sparsh Chapter 11 “तीसरी कसम के शिल्पकार शैलेन्द्र”के NCERT Solutions छात्रों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। ये प्रश्न-उत्तर पाठ के मुख्य विषयों जैसे कला के प्रति समर्पण, फिल्म निर्माण की कठिनाइयाँ और शैलेन्द्र की संवेदनशील सोच को बेहतर ढंग से समझने में सहायता करते हैं। इन प्रश्नों का अभ्यास करने से छात्रों की विश्लेषण क्षमता बढ़ती है, उत्तर लिखने की शैली में सुधार होता है तथा परीक्षा की तैयारी अधिक मजबूत और प्रभावी बनती है।




