Class 10 Maths Chapter 2 Exercise 2.2 में यह समझाया जाता है कि किसी बहुपद के शून्यक और उसके गुणांक आपस में कैसे जुड़े होते हैं। इसमें रैखिक, द्विघात और घन बहुपदों को सरल और आसान तरीके से हल करना सिखाया जाता है।
ये NCERT Solutions CBSE syllabus के अनुसार बनाए गए हैं और बोर्ड परीक्षा की तैयारी में बहुत मदद करते हैं। इनकी मदद से आप अपने उत्तरों की जाँच कर सकते हैं और बहुपद के सवालों में अच्छी पकड़ बना सकते हैं।
1.निम्नलिखित द्विघात बहुपदों के शून्यक ज्ञात कीजिए और शून्यकों तथा गुणांकों के बीच संबंध की पुष्टि कीजिए।
(i) x 2 –2x –8
हल :
⇒ x 2 – 4x+2x–8 = x(x–4)+2(x–4) = (x-4)(x+2)
अतः बहुपद समीकरण x 2 –2x–8 के शून्यक हैं (4, -2)
शून्यकों का योग = 4–2 = 2 = -(-2)/1 =
= −(−2)/1
= −(x के गुणांक)/(x² के गुणांक)
शून्यकों का गुणनफल = 4 × (−2) = −8
= (−8)/1
= (स्थिर पद)/(x² के गुणांक)
(ii) 4s 2 –4s+1
⇒4s 2 –2s–2s+1 = 2s(2s–1)–1(2s-1) = (2s–1)(2s–1)
अतः बहुपद समीकरण 4s 2 –4s+1 के शून्यक (zeros) हैं: (1/2,1/2)
शून्यकों का योग = (1/2) + (1/2) = 1
= −(−4)/4
= −(s के गुणांक)/(s² के गुणांक)
शून्यकों का गुणनफल = (1/2) × (1/2) = 1/4
= 1/4
= (स्थिर पद)/(s² के गुणांक)
(iii) 6x 2 –3–7x
⇒6x 2 –7x–3 = 6x 2 – 9x + 2x – 3
= 3x(2x – 3) +1(2x – 3)
= (3x+1)(2x-3)
अतः बहुपद समीकरण 6x 2 –3–7x के शून्यक (zeros) हैं: (-1/3, 3/2)
शून्यकों का योग = -(1/3)+(3/2) = (7/6)
− (x के गुणांक)/(x² के गुणांक)
= −(−7)/6=7/6
शून्यकों का गुणनफल = (−1/3)×(3/2)=−1/2
= (स्थिर पद)/(x² के गुणांक)
= −3/6=−1/2
(iv) 4u 2 +8u
⇒ 4u(u+2)
अतः बहुपद समीकरण 4u 2 + 8u के शून्यक (zeros) हैं: (0, -2)
शून्यकों का योग = 0+(-2) = -2 = -(8/4)
= −8/4
=− (u के गुणांक)/(u² के गुणांक)
शून्यकों का गुणनफल = 0×-2 = 0 = 0/4
= (स्थिर पद)/(u² के गुणांक)
(v) t 2 –15
⇒ t 2 = 15 or t = ±√15
अतः बहुपद समीकरण t 2 –15 के शून्यक (zeros) हैं: (√15, -√15)
शून्यकों का योग = √15+(-√15) = 0= -(0/1)
= −0/1
= − (t के गुणांक)/(t² के गुणांक)
शून्यकों का गुणनफल = = √15×(-√15) = -15 = -15/1
= (स्थिर पद)/(t² के गुणांक)
(vi) 3x 2 –x–4
⇒ 3x 2 –4x+3x–4 = x(3x-4)+1(3x-4)
= (3x – 4)(x + 1)
अतः बहुपद समीकरण 3x 2 – x – 4 के शून्यक (zeros) हैं: 4/3, -1)
शून्यकों का योग = (4/3)+(-1) = (1/3)
= -(-1/3) = − (x के गुणांक)/(x² के गुणांक)
शून्यकों का गुणनफल = (4/3)×(-1) = (-4/3)
= (स्थिर पद)/(x² के गुणांक)
2. दिए गए संख्याओं को क्रमशः शून्यकों के योग और गुणनफल मानकर एक द्विघात बहुपद ज्ञात कीजिए।
(i) 1/4 , -1
हल :
शून्यकों के योग और गुणनफल के सूत्र से हमें ज्ञात है,
शून्यकों का योग = α + β
शून्यकों का गुणनफल = αβ
शून्यकों का योग = α + β = 1/4
शून्यकों का गुणनफल = αβ = -1
∴ यदि α और β किसी द्विघात बहुपद के शून्यक हों, तो द्विघात बहुपद का समीकरण सीधे इस प्रकार लिखा जा सकता है
x² – (α + β)x + αβ = 0
x² – (1/4)x + (-1) = 0
4x² – x – 4 = 0
अतः 4x² – x – 4 एक द्विघात बहुपद है।
(ii) √2, 1/3
हल :
शून्यकों का योग = α + β = √2। शून्यकों का गुणनफल = αβ = 1/3
∴ यदि α और β किसी द्विघात बहुपद के शून्यक हों, तो द्विघात बहुपद का समीकरण सीधे इस प्रकार लिखा जा सकता है
x² – (α + β)x + αβ = 0
x² – (√2)x + (1/3) = 0
3x² – 3√2x + 1 = 0
अतः 3x² – 3√2x + 1 एक द्विघात बहुपद है।
(iii) 0, √5
हल :
दिया है, शून्यकों का योग = α + β = 0
शून्यकों का गुणनफल = αβ = √5
∴ यदि α और β किसी द्विघात बहुपद के शून्यक हों, तो द्विघात बहुपद का समीकरण सीधे इस प्रकार लिखा जा सकता है
x² – (α + β)x + αβ = 0
x² – (0)x + √5 = 0
अतः x² + √5 एक द्विघात बहुपद है।
(iv) 1, 1
हल :
दिया है, शून्यकों का योग = α + β = 1
शून्यकों का गुणनफल = αβ = 1
∴ यदि α और β किसी द्विघात बहुपद के शून्यक हों, तो द्विघात बहुपद का समीकरण सीधे इस प्रकार लिखा जा सकता है
x² – (α + β)x + αβ = 0
x² – x + 1 = 0
अतः x² – x + 1 एक द्विघात बहुपद है
(v) -1/4, 1/4
हल :
दिया है, शून्यकों का योग = α + β = -1/4, शून्यकों का गुणनफल = αβ = 1/4
∴ यदि α और β किसी द्विघात बहुपद के शून्यक हों, तो द्विघात बहुपद का समीकरण सीधे इस प्रकार लिखा जा सकता है
x² – (α + β)x + αβ = 0
x² – (-1/4)x + (1/4) = 0
4x² + x + 1 = 0
अतः 4x² + x + 1 एक द्विघात बहुपद है।
(vi) 4, 1
हल :
दिया है, शून्यकों का योग = α + β = 4, शून्यकों का गुणनफल = αβ = 1
∴ यदि α और β किसी द्विघात बहुपद के शून्यक हों, तो द्विघात बहुपद का समीकरण सीधे इस प्रकार लिखा जा सकता है
x² – (α + β)x + αβ = 0
x² – 4x + 1 = 0
अतः x² – 4x + 1 एक द्विघात बहुपद है।
कक्षा 10 गणित में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए मजबूत अवधारणाएँ, नियमित अभ्यास और उत्तरों को सही तरीके से लिखने की आदत बहुत जरूरी होती है। बेहतर स्कोर करने के लिए आपको चाहिए:
गणित के सभी अध्यायों की अवधारणाओं को अच्छे से समझें और रट्टा लगाने की बजाय नियमों को जानें।
रोज़ाना अभ्यास करें और NCERT की सभी प्रश्नावली को बार-बार हल करें ताकि गति और सटीकता बढ़े।
महत्वपूर्ण सूत्रों और प्रमेयों को अलग नोटबुक में लिखकर नियमित रूप से रिवीजन करें।
पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र और सैंपल पेपर हल करके परीक्षा पैटर्न को समझें।
उत्तर लिखते समय हर स्टेप को साफ-सुथरे तरीके से दिखाएँ ताकि पूरे अंक मिल सकें।
कठिन प्रश्नों को छोड़ने की बजाय उन्हें समझकर हल करने का प्रयास करें और गलतियों से सीखें।
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