कक्षा 10 गणित में द्विघात समीकरण एक महत्वपूर्ण अध्याय है, लेकिन इसके सवालों को हल करते समय सही गुणनखंड चुनना कई बार मुश्किल लग सकता है। प्रश्नावली 4.2 में आपको गुणनखंड विधि की मदद से अलग-अलग प्रकार के द्विघात समीकरण हल करने होते हैं। इस लेख में कक्षा 10 गणित अध्याय 4 प्रश्नावली 4.2 के NCERT Solution आसान भाषा में दिए गए हैं, ताकि आप हर सवाल का तरीका समझकर खुद भी उसका अभ्यास कर सकें।
इस प्रश्नावली में दिए गए द्विघात समीकरणों को गुणनखंड विधि से हल किया गया है। नीचे प्रत्येक प्रश्न का चरण-दर-चरण समाधान देखें।
1.निम्नलिखित द्विघात समीकरणों के मूल गुणनखंड विधि द्वारा ज्ञात कीजिए:
(i) x² – 3x – 10 = 0
हल:
दिया है,
x² – 3x – 10 = 0
बायाँ पक्ष लेने पर,
x² – 5x + 2x – 10 = 0
x(x – 5) + 2(x – 5) = 0
(x – 5)(x + 2) = 0
अतः,
x – 5 = 0 या x + 2 = 0
इसलिए,
x = 5 या x = –2
अतः दिए गए समीकरण के मूल 5 और –2 हैं।
(ii) 2x² + x – 6 = 0
हल:
दिया है,
2x² + x – 6 = 0
बायाँ पक्ष लेने पर,
2x² + 4x – 3x – 6 = 0
2x(x + 2) – 3(x + 2) = 0
(x + 2)(2x – 3) = 0
अतः,
x + 2 = 0 या 2x – 3 = 0
इसलिए,
x = –2 या x = 3/2
अतः दिए गए समीकरण के मूल –2 और 3/2 हैं।
(iii) √2x² + 7x + 5√2 = 0
हल:
दिया है,
√2x² + 7x + 5√2 = 0
बायाँ पक्ष लेने पर,
√2x² + 5x + 2x + 5√2 = 0
x(√2x + 5) + √2(√2x + 5) = 0
(√2x + 5)(x + √2) = 0
अतः,
√2x + 5 = 0 या x + √2 = 0
इसलिए,
x = –5/√2 या x = –√2
अतः दिए गए समीकरण के मूल –5/√2 और –√2 हैं।
(iv) 2x² – x + 1/8 = 0
हल:
दिया है,
2x² – x + 1/8 = 0
बायाँ पक्ष लेने पर,
1/8(16x² – 8x + 1) = 0
= 1/8(16x² – 4x – 4x + 1)
= 1/8(4x(4x – 1) – 1(4x – 1))
= 1/8(4x – 1)²
अतः,
(4x – 1)² = 0
इसलिए,
4x – 1 = 0
अतः,
x = 1/4
इसलिए दोनों मूल x = 1/4 हैं।
(v) 100x² – 20x + 1 = 0
हल:
दिया है,
100x² – 20x + 1 = 0
बायाँ पक्ष लेने पर,
100x² – 10x – 10x + 1 = 0
10x(10x – 1) – 1(10x – 1) = 0
(10x – 1)² = 0
अतः,
10x – 1 = 0
इसलिए,
x = 1/10
अतः दोनों मूल x = 1/10 हैं।
2.उदाहरण 1 में दिए गए प्रश्नों को हल कीजिए।
(i) जॉन और जीवांती के पास मिलाकर 45 कंचे हैं। दोनों ने 5-5 कंचे खो दिए। अब उनके पास बचे कंचों की संख्या का गुणनफल 124 है। ज्ञात कीजिए कि शुरुआत में दोनों के पास कितने कंचे थे।
हल:
मान लेते हैं कि जॉन के पास x कंचे हैं।
इसलिए, जीवांती के पास कंचों की संख्या = 45 – x
5 कंचे खोने के बाद,
जॉन के पास कंचे = x – 5
जीवांती के पास कंचे = 45 – x – 5 = 40 – x
प्रश्नानुसार,
(x – 5)(40 – x) = 124
⇒ 40x – x² – 200 + 5x = 124
⇒ x² – 45x + 324 = 0
⇒ x² – 36x – 9x + 324 = 0
⇒ x(x – 36) – 9(x – 36) = 0
⇒ (x – 36)(x – 9) = 0
अतः,
x – 36 = 0 या x – 9 = 0
इसलिए,
x = 36 या x = 9
यदि जॉन के पास 36 कंचे हैं, तो जीवांती के पास:
45 – 36 = 9 कंचे
और यदि जॉन के पास 9 कंचे हैं, तो जीवांती के पास:
45 – 9 = 36 कंचे
अतः दोनों के पास शुरुआत में 36 और 9 कंचे थे।
(ii) एक कुटीर उद्योग एक दिन में कुछ खिलौने बनाता है। प्रत्येक खिलौने की उत्पादन लागत (रुपये में) 55 में से एक दिन में बनाए गए खिलौनों की संख्या घटाने पर प्राप्त होती है। एक दिन कुल उत्पादन लागत 750 रुपये थी। उस दिन बनाए गए खिलौनों की संख्या ज्ञात कीजिए।
हल:
मान लेते हैं कि एक दिन में बनाए गए खिलौनों की संख्या x है।
प्रत्येक खिलौने की उत्पादन लागत = ₹(55 – x)
कुल उत्पादन लागत = ₹750
अतः,
x(55 – x) = 750
⇒ x² – 55x + 750 = 0
⇒ x² – 25x – 30x + 750 = 0
⇒ x(x – 25) – 30(x – 25) = 0
⇒ (x – 25)(x – 30) = 0
अतः,
x – 25 = 0 या x – 30 = 0
इसलिए,
x = 25 या x = 30
अतः एक दिन में 25 या 30 खिलौने बनाए गए।
3.ऐसी दो संख्याएँ ज्ञात कीजिए जिनका योग 27 और गुणनफल 182 है।
हल:
मान लेते हैं कि पहली संख्या x है।
दूसरी संख्या = 27 – x
प्रश्नानुसार,
x(27 – x) = 182
⇒ x² – 27x + 182 = 0
⇒ x² – 13x – 14x + 182 = 0
⇒ x(x – 13) – 14(x – 13) = 0
⇒ (x – 13)(x – 14) = 0
अतः,
x – 13 = 0 या x – 14 = 0
इसलिए,
x = 13 या x = 14
यदि पहली संख्या 13 है, तो दूसरी संख्या:
27 – 13 = 14
और यदि पहली संख्या 14 है, तो दूसरी संख्या:
27 – 14 = 13
अतः दोनों संख्याएँ 13 और 14 हैं।
4.ऐसी दो क्रमागत धनात्मक पूर्ण संख्याएँ ज्ञात कीजिए जिनके वर्गों का योग 365 है।
हल:
मान लेते हैं कि पहली संख्या x है।
दूसरी क्रमागत संख्या = x + 1
प्रश्नानुसार,
x² + (x + 1)² = 365
⇒ x² + x² + 2x + 1 = 365
⇒ 2x² + 2x – 364 = 0
⇒ x² + x – 182 = 0
⇒ x² + 14x – 13x – 182 = 0
⇒ x(x + 14) – 13(x + 14) = 0
⇒ (x + 14)(x – 13) = 0
अतः,
x + 14 = 0 या x – 13 = 0
इसलिए,
x = –14 या x = 13
चूँकि पूर्ण संख्याएँ धनात्मक हैं, इसलिए x = 13 होगा।
दूसरी संख्या:
x + 1 = 13 + 1 = 14
अतः दो क्रमागत धनात्मक पूर्ण संख्याएँ 13 और 14 हैं।
5.एक समकोण त्रिभुज की ऊँचाई उसके आधार से 7 सेमी कम है। यदि कर्ण 13 सेमी है, तो अन्य दोनों भुजाएँ ज्ञात कीजिए।
हल:
मान लेते हैं कि त्रिभुज का आधार x सेमी है।
प्रश्नानुसार,
ऊँचाई = (x – 7) सेमी
पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार,
आधार² + ऊँचाई² = कर्ण²
अतः,
x² + (x – 7)² = 13²
⇒ x² + x² – 14x + 49 = 169
⇒ 2x² – 14x – 120 = 0
⇒ x² – 7x – 60 = 0
⇒ x² – 12x + 5x – 60 = 0
⇒ x(x – 12) + 5(x – 12) = 0
⇒ (x – 12)(x + 5) = 0
अतः,
x – 12 = 0 या x + 5 = 0
इसलिए,
x = 12 या x = –5
चूँकि भुजा की लंबाई ऋणात्मक नहीं हो सकती, इसलिए x = 12 होगा।
अतः,
आधार = 12 सेमी
ऊँचाई = 12 – 7 = 5 सेमी
इसलिए त्रिभुज की अन्य दो भुजाएँ 12 सेमी और 5 सेमी हैं।
6.एक कुटीर उद्योग एक दिन में कुछ मिट्टी के बर्तन बनाता है। किसी दिन प्रत्येक बर्तन की उत्पादन लागत (रुपये में) उस दिन बनाए गए बर्तनों की संख्या के दोगुने से 3 अधिक थी। उस दिन कुल उत्पादन लागत 90 रुपये थी। उस दिन बनाए गए बर्तनों की संख्या और प्रत्येक बर्तन की लागत ज्ञात कीजिए।
हल:
मान लेते हैं कि एक दिन में बनाए गए बर्तनों की संख्या x है।
प्रत्येक बर्तन की उत्पादन लागत = ₹(2x + 3)
कुल उत्पादन लागत = ₹90
अतः,
x(2x + 3) = 90
⇒ 2x² + 3x – 90 = 0
⇒ 2x² + 15x – 12x – 90 = 0
⇒ x(2x + 15) – 6(2x + 15) = 0
⇒ (2x + 15)(x – 6) = 0
अतः,
2x + 15 = 0 या x – 6 = 0
इसलिए,
x = –15/2 या x = 6
चूँकि बर्तनों की संख्या धनात्मक पूर्णांक होनी चाहिए, इसलिए x = 6 होगा।
अतः,
बर्तनों की संख्या = 6
प्रत्येक बर्तन की लागत = 2 × 6 + 3 = ₹15
इसलिए उस दिन 6 बर्तन बनाए गए और प्रत्येक बर्तन की उत्पादन लागत ₹15 थी।
कक्षा 10 गणित में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए स्पष्ट अवधारणाओं (concepts), नियमित अभ्यास और सटीकता तथा उत्तर प्रस्तुतिकरण पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है। बेहतर स्कोर करने के लिए आपको यह करना चाहिए:
अवधारणाओं को मजबूत करें: चरणों को रटने के बजाय अवधारणाओं को समझने पर ध्यान दें, क्योंकि इससे एप्लिकेशन-आधारित प्रश्नों को हल करने में मदद मिलती है।
कमजोर क्षेत्रों पर काम करें: अंकों के नुकसान से बचने के लिए कठिन विषयों को छोड़ने के बजाय उन पर ध्यान केंद्रित करें।
सूत्रों का प्रतिदिन दोहराव करें: सूत्रों का नियमित अभ्यास परीक्षा में गणना की गलतियों से बचने में मदद करता है।
नियमित अभ्यास करें: अपने बेस को मजबूत करने और सटीकता में सुधार के लिए सभी NCERT प्रश्नों को कई बार हल करें।
पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र हल करें: पिछले वर्षों के प्रश्नों (PYQs) का अभ्यास करने से आपको प्रश्न पैटर्न और महत्वपूर्ण विषयों को समझने में मदद मिलती है।
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