SSC JE Sliding Notice 2026 कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा 11 जुलाई को आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है। इस नए नोटिस का मुख्य उद्देश्य जूनियर इंजीनियर भर्ती प्रक्रिया को तेज करना और खाली रहने वाले पदों को पूरी तरह से भरना है। अक्सर देखा गया है कि कई छात्र चयन होने के बाद भी जॉइन नहीं करते, जिससे सीटें खाली रह जाती थीं। इस समस्या को खत्म करने के लिए आयोग ने नया अलॉटमेंट नियम लागू किया है। पूरी जानकारी के लिए लेख विस्तार से पढ़ें
SSC JE Sliding Notice 2026 के तहत डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और स्लाइडिंग प्रोसेस के लिए जरूरी तारीखों की घोषणा कर दी गई है जो कुछ इस प्रकार हैं :
स्लॉट बुकिंग विंडो: छात्र 12 जुलाई 2026 (शाम 5 बजे) से 14 जुलाई 2026 (शाम 5 बजे) तक अपनी पसंद का वेन्यू, तारीख और समय चुन सकते हैं।
वेरिफिकेशन की तारीख: एसएससी ऑफिस में यह प्रक्रिया 20 और 21 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी।
SSC JE Sliding Notice 2026 का ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। छात्र कर्मचारी चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर इसे आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। इस नोटिस में नए स्लाइडिंग मैकेनिज्म, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और स्लॉट बुकिंग से जुड़े सभी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक पर क्लिक करके भी आप इस आधिकारिक नोटिस को तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं|
कर्मचारी चयन आयोग ने इस बार First Round of Tentative Allocation (FRTA) यानी नया स्लाइडिंग मैकेनिज्म शुरू किया है। पुराने नियम में जितनी सीटें होती थीं, उतने ही छात्रों को चुना जाता था और जो सीटें खाली बचती थीं, उन्हें अगले साल की भर्ती में जोड़ दिया जाता था।
लेकिन नए नियम के तहत, अगर कोई उम्मीदवार डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) में नहीं आता या जॉइनिंग छोड़ता है, तो वे सीटें खाली नहीं रहेंगी। उन सीटों को इसी भर्ती परीक्षा के बाकी बचे योग्य उम्मीदवारों से भरा जाएगा, जिससे कम रैंक वाले छात्रों को भी नौकरी का मौका मिलेगा।
सभी शॉर्टलिस्ट किए गए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे तय समय के भीतर ssc.gen.in पोर्टल पर जाकर अपना स्लॉट जरूर बुक कर लें। याद रखें कि वेरिफिकेशन के समय आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य होगा। अगर आप तय तारीख पर रीजनल ऑफिस नहीं पहुंचते हैं, तो आपकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी और आपको फाइनल अलॉटमेंट से बाहर कर दिया जाएगा।
इस नए नोटिस के आने से भर्ती प्रक्रिया में क्या बदलाव आया है, इसे आप नीचे दी जा रही सारणी से आसानी से समझ सकते हैं:
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विशेषता |
पुराना नियम |
नया स्लाइडिंग नियम |
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सीटों का आवंटन |
सभी चयनित उम्मीदवारों को एक साथ ऑफर लेटर भेजा जाता था। |
शुरुआत में सिर्फ कुल सीटों के बराबर उम्मीदवारों को ही शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। |
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खाली सीटें |
डीवी (DV) में न आने या नौकरी छोड़ने से खाली हुई सीटें अगले साल ट्रांसफर होती थीं। |
खाली सीटों को इसी भर्ती चक्र (Current Cycle) के वेटिंग लिस्ट वाले छात्रों से तुरंत भरा जाएगा। |
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छात्रों को फायदा |
कम रैंक वाले छात्रों को उसी साल नौकरी मिलने का मौका नहीं मिलता था। |
खाली सीटें भरने से कम रैंक वाले योग्य उम्मीदवारों को भी नौकरी मिल जाएगी। |
फर्स्ट राउंड अलॉटमेंट (FRTA): सबसे पहले आयोग एक टेंटेटिव (संभावित) अलॉटमेंट लिस्ट जारी करेगा।
विकल्प का चयन: डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान उम्मीदवारों को 'Fixed' (अपनी सीट पक्की करना) या 'Float' (ऊपर की पसंद के विभाग के लिए स्लाइड करना) का विकल्प चुनना होगा।
खाली सीटों का उपयोग: यदि कोई छात्र अपनी सीट छोड़ता है, तो स्लाइडिंग सिस्टम के जरिए नीचे रैंक वाले उम्मीदवार को वह सीट अपने आप अलॉट हो जाएगी।