NEET 2026 की परीक्षा देने वाले हर छात्र के मन में एक ही सवाल होता है कि सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS की सीट पक्की करने के लिए आखिर कितने नंबर लाने होंगे? हर साल बढ़ते कॉम्पिटिशन और छात्रों की संख्या के कारण सेफ स्कोर का ग्राफ भी बदलता रहता है। फिजिक्स वाला (PW) के एक्सपर्ट्स और पिछले ट्रेंड्स के आधार पर समझते हैं कि आपके लिए सुरक्षित स्कोर क्या होगा।
अक्सर छात्र एक बहुत बड़ी गलती कर बैठते हैं—वे 'क्वालीफाइंग मार्क्स' यानी पासिंग मार्क्स को ही 'सेफ स्कोर' मान लेते हैं। लेकिन इन दोनों में काफी फर्क होता है:
क्वालीफाइंग स्कोर: यह सिर्फ आपको काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होने के योग्य बनाता है, इससे कॉलेज मिलने की गारंटी नहीं होती। जनरल कैटेगरी के लिए यह लगभग 165–170 अंक रहने का अनुमान है।
सेफ स्कोर: यह वह स्कोर है जिस पर आपको सरकारी कॉलेज में MBBS सीट मिलने की पूरी उम्मीद होती है।
Neet तैयारी को सही दिशा देने और सुरक्षित स्कोर को समझने के लिए, इसे तीन आसान ज़ोन में बांटा गया है:
प्लेटिनम ज़ोन (680–720): यह पूरी तरह सुरक्षित क्षेत्र है। इस रेंज में छात्र देश के टॉप मेडिकल कॉलेज जैसे AIIMS नई दिल्ली में अपनी जगह बना सकते हैं।
गोल्ड ज़ोन (620–675): जनरल कैटेगरी के छात्रों के लिए यह बहुत ही सुरक्षित स्कोर है। इसमें आपको अपने राज्य या ऑल इंडिया कोटा के तहत एक बेहतरीन सरकारी कॉलेज मिल जाता है।
बॉर्डरलाइन ज़ोन (595–615): इस रेंज में जोखिम थोड़ा बढ़ जाता है। यहां सीट मिलना उस साल के पेपर के कठिन स्तर और आपके राज्य की मेरिट लिस्ट पर निर्भर करता है।
NEET 2026 में सेफ स्कोर हर कैटेगरी और आपके पसंदीदा कोर्स के हिसाब से अलग-अलग होता है। पिछले कुछ सालों की काउंसलिंग और रिजर्वेशन के नियमों को देखकर यह अंदाज़ा लगाया गया है–
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कैटेगरी |
सरकारी कॉलेज MBBS सेफ स्कोर |
सरकारी कॉलेज BDS सेफ स्कोर |
प्राइवेट कॉलेज सेफ स्कोर |
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जनरल |
610+ |
480+ |
450+ |
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ईडब्ल्यूएस |
600+ |
470+ |
440+ |
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ओबीसी |
590+ |
460+ |
420+ |
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एससी |
520+ |
430+ |
380+ |
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एसटी |
490+ |
400+ |
350+ |
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पीडब्ल्यूडी - जनरल |
480+ |
400+ |
350+ |
सिर्फ ज्यादा प्रश्न हल करना काफी नहीं है, बल्कि सही प्रश्न हल करना जरूरी है क्योंकि गलत उत्तर देने पर निगेटिव मार्किंग (-1) आपके कुल नंबर कम कर देती है। 600 से अधिक का स्कोर हासिल करने के लिए नीचे दिए गए संतुलन को समझें:
बेहतरीन प्रयास: 145 से 160 प्रश्न हल करें।
सटीकता (Accuracy): कम से कम 85% से 90% उत्तर बिल्कुल सही होने चाहिए।
गलत उत्तर: गलत होने वाले प्रश्नों की संख्या 15 से कम रखने की कोशिश करें।
बायोलॉजी में 90% से अधिक सटीकता रखना सबसे आसान होता है क्योंकि इसके सवाल सीधे NCERT से आते हैं। फिजिक्स और केमिस्ट्री में बिना सोचे-समझे तुक्का लगाने से बचें, क्योंकि यहीं पर सबसे ज्यादा नंबर कटते हैं।
