NCERT Solutions for Class 10 Hindi Sparsh Chapter 7 Aatmatran by Rabindranath Tagore help you understand the poem’s themes, ideas, and message in a clear way.
These solutions simplify complex expressions and explain the poet’s thoughts and moral lessons effectively.
They also help you practise important questions, improve understanding, and strengthen answer-writing skills for better exam preparation.
NCERT Solutions for class 10 Hindi Sparsh Chapter 7 Aatmatran
These NCERT Solutions for class 10 Hindi Sparsh Chapter 7 are vital for mastering the chapter. They provide detailed insights into the poem's lines and underlying message.
You can use them to clarify doubts and enhance your understanding of Rabindranath Tagore's unique prayer. Practising these questions helps improve literary analysis skills for exam success.
1. कवि किससे और क्या प्रार्थना कर रहा है?
उत्तर: कवि भगवान से प्रार्थना कर रहा है, जो अत्यंत दयालु, कृपालु और सर्वव्यापक हैं। वह चाहते हैं कि भगवान उन्हें इतनी शक्ति और साहस दें कि वे जीवन में आने वाले दुख, कठिनाइयों और परेशानियों का निर्भीकता से सामना कर सकें। साथ ही वह चाहते हैं कि ऐसे समय में भी उनकी आस्था कभी कमजोर न पड़े।
2. ‘विपदाओं से मुझे बचाओ, यह मेरी प्रार्थना नहीं’- कवि इस पंक्ति के द्वारा क्या कहना चाहता है?
उत्तर: इस पंक्ति के माध्यम से कवि यह बताना चाहते हैं कि वे यह नहीं मांग रहे कि उनके जीवन में कोई कठिनाई न आए। बल्कि, उनका निवेदन है कि उन्हें ऐसी शक्ति और साहस मिले कि वे जीवन में आने वाली विपत्तियों और दुखों का सामना दृढ़ता से कर सकें और उन पर विजय प्राप्त कर सकें।
3. कवि सहायक के न मिलने पर क्या प्रार्थना करता है?
उत्तर: कवि प्रार्थना करते हैं कि यदि उन्हें किसी समय सहारा न मिले, तब भी उनकी हिम्मत, साहस और विश्वास कभी कमजोर न हो। जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ आएँ, वे उन्हें सहने और सामना करने की शक्ति हमेशा रखें।
4. अंत में कवि क्या अनुनय करता है?
उत्तर: अंत में कवि यह अनुभव करते हैं कि चाहे जीवन में कितनी भी परेशानियाँ आएँ, उनका भरोसा और विश्वास भगवान पर कभी कम न हो। वह प्रार्थना करते हैं कि भगवान उन्हें उन कठिन परिस्थितियों को सहने और पार करने की शक्ति दें।
5. ‘आत्मत्राण’ शीर्षक की सार्थकता कविता के सन्दर्भ में स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: ‘आत्मत्राण’ का अर्थ है आत्मा का संरक्षण या मन के भय से मुक्ति। कवि चाहते हैं कि जीवन की कठिनाइयों का सामना निडर होकर करें। उनकी प्रार्थना यह नहीं कि दुख या परेशानी न आए, बल्कि वे अपने लिए साहस और धैर्य बनाए रखने की शक्ति मांगते हैं। इसलिए यह शीर्षक पूरी तरह उपयुक्त है।
6. अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना के अतिरिक्त आप और क्या – क्या प्रयास करते हैं? लिखिए।
उत्तर: अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना के साथ-साथ हम लगातार प्रयास, मेहनत, संघर्ष और योजनाबद्ध कार्य कर सकते हैं। इन सभी प्रयासों से हम अपनी इच्छाओं को साकार करने में सफल हो सकते हैं।
7. निम्नलिखित अंशों के भाव स्पष्ट कीजिए
(1) 'नत सिर होकर सुख के दिन में
तव मुख पहचानों छिन-छिन में।'
उत्तर: इन पंक्तियों में कवि यह कहना चाहते हैं कि सुख के समय में भी वे सिर झुकाकर ईश्वर को याद रखें। वे एक क्षण के लिए भी ईश्वर को भूलना नहीं चाहते।
(2) हानि उठानी पड़े जगत में लाभ अगर बचना रही
तो भी मन में न मानूँ क्षय
उत्तर: इन पंक्तियों में कवि ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि जीवन में चाहे लाभ मिले या हानि, वे किसी भी स्थिति में अपना धैर्य और मनोबल न खोएँ। वे कठिन परिस्थितियों का साहसपूर्वक सामना करें।
(3) तरने की हो शक्ति अनामय।
‘मेरा भार अगर लघु करके न दो सांत्वना नहीं सही।’
उत्तर: इन पंक्तियों में कवि यह प्रार्थना कर रहे हैं कि यदि जीवन में उन्हें दुख मिले, तो उसे सहने की शक्ति भी मिले। वे यह नहीं चाहते कि दुख या परेशानी न आए, बल्कि ईश्वर से पूर्ण विश्वास के साथ यह प्रार्थना करते हैं कि हर परिस्थिति को सहने की क्षमता उन्हें प्रदान करें।