
UGC NET हिंदी साहित्य की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यूनिट 5 (काव्य) परीक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इन प्रश्नों में मुक्तिबोध, नागार्जुन, सुमित्रानंदन पंत, जायसी, तुलसीदास, पद्मावत, रामचरितमानस और आधुनिक हिंदी कविता से जुड़े महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं, जो UGC NET परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं।
अपनी तैयारी को मजबूत बनाने के लिए इन सभी प्रश्नों का अभ्यास अवश्य करें। ऐसे ही और महत्वपूर्ण PYQs तथा अतिरिक्त प्रश्नों को जानने के लिए दिया गया वीडियो पूरा देखें।
UGC NET हिंदी साहित्य की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए इस लेख में काव्य से संबंधित पिछले वर्षों के चयनित PYQs को उनके सही उत्तर और सरल, सटीक व्याख्या के साथ प्रस्तुत किया गया है।
Q1. 'अंधेरे में' कविता का 1964 में 'आशंका के द्वीप अंधेरे में' नाम से प्रकाशन किस पत्रिका में हुआ?
(A) माधुरी
(B) कल्पना
(C) चाँद
(D) प्रभा
Answer (B) मुक्तिबोध द्वारा रचित 'अंधेरे में' कविता का 1964 में 'आशंका के द्वीप अंधेरे में' नाम से प्रकाशन कल्पना पत्रिका में हुआ था। यह कविता मुक्तिबोध के पहले काव्य संग्रह 'चांद का मुंह टेढ़ा' में शामिल है। अतः विकल्प (b) सही है।
Q2. 'सतपुड़ा के जंगल' कविता में किस वाद्ययंत्र का उल्लेख हुआ है?
(A) मादल
(B) इकतारा
(C) बाँसुरी
(D) ढोल
अतः सही उत्तर है:
(D) ढोल
Q3. "बिना दुख के सब निस्सार, बिना आँसू के जीवन भार, दीन दुर्बल है रे, संसार इसी से दया, क्षमा औ' प्यार!" यह कवितांश किस कवि द्वारा रचित है?
(A) सुमित्रानन्दन पन्त
(B) मैथिलीशरण गुप्त
(C) रामधारी सिंह 'दिनकर'
(D) नागार्जुन
Answer (A) प्रस्तुत पंक्तियों सुमित्रानंदन पंत द्वारा रचित कविता परिवर्तन से ली गई है। परिवर्तन कविता पल्लव संग्रह में संकलित है, जिसका प्रकाशन 1928 में हुआ था। पंत की छोटी बड़ी अनेक रचनाओं में प्राकृतिक सौंदर्य की झाकियां दिखती हैं। भावना के अनेक स्तरों को स्पर्श करती हुई पंत की कल्पना परिवर्तन शीर्षक कविता में प्रस्तुत हुई है। अतः विकल्प (a) सही है।
Q4. 'अकाल और उसके बाद' कविता में आए जीवों/वस्तुओं को, कविता में आने के अनुसार, पहले से बाद के क्रम में लगाइए।
A. कुतिया
B. कौए
C. चूहा
D. चक्की
E. छिपकली
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
(A) E, B, A, D, C
(B) D, A, E, C, B
C) C, B, D, E, A
(D) B, A, E, C, D
Answer (B) नागार्जुन की कविता 'अकाल और उसके बाद' सतरंगे पंखों वाली कविताएँ संग्रह में संकलित है। 8 पंक्ति की इस कविता में बाबा नागार्जुन ने अकाल की त्रासदी के साथ अन्न की महत्ता को भी चित्रित किया है। अन्न के आभाव में मनुष्य के साथ साथ पशु पक्षी जीव जंतु भी हताश और बेहाल है।
कविता है - कई दिनों तक चूल्हा रोया, चक्की रही उदास कई दिनों तक कानी कुतिया सोई उनके पास कई दिनों तक लगी भीत पर छिपकलियों की गश्त कई दिनों तक चूहों की भी हालत रही शिकस्त। दाने आए घर के अंदर कई दिनों के बाद धुआँ उठा आँगन से ऊपर कई दिनों के बाद चमक उठी घर भर की आँखें कई दिनों के बाद कौए ने खुजलाई पाँखें कई दिनों के बाद। अतः विकल्प (b) सही है।
Q5. 'परबत समुद, अगम बिच, बीहड़ घन बनढाँख। किमि कै भेंटौं कंत तुम्ह?, ना मोहि पाँव न पाँखा।" यह कवितांश जायसी कृत 'पद्मावत' के 'नागमती वियोग खंड' में किस मास के वर्णन के अंत में आया है?
(A) सावन
(B) अगहन
(C) भादों
(D) असाढ़
Answer (A) आचार्य रामचंद्र शुक्ल द्वारा संपादित 'जायसी ग्रंथावली' में 'नागमती-वियोग खंड' महाकाव्य 'पद्मावत' का 30वाँ खंड है। नागमती राजा रत्नसेन की पहली पत्नी है, जो अपने पति के पद्मावती की खोज में सिंहलद्वीप चले जाने पर एक वर्ष तक विरह की भयानक वेदना सहती है। जायसी ने उसके इस विरह का ऐसा मार्मिक वर्णन किया है कि आचार्य शुक्ल ने इसे "हिंदी साहित्य में एक अद्वितीय वस्तु" माना है।
अतः विकल्प (a) सही है।
Q6. 'भूल गलती' कविता में कैदी के रूप में दरबार में लाए गए व्यक्ति के बारे में आयी इन पंक्तियों को, पहले से बाद के क्रम में लगाइए।
A. समूचे जिस्म पर लत्तर
B. नामंजूर/उसको जिंदगी की शर्म की-सी शर्त
C. पहने हथकड़ी वह एक ऊँचा कद
D. बेख़ौफ़ नीली बिजलियों को फेंकता
E. वह कैद कर लाया गया ईमान
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
(A) C, A, E, D, B
(B) B, D, C, E, A
(C) D, B, A, E, C
(D) B, A, D, E, C
Answer (A) 'भूल-गलती' कविता प्रसिद्ध कवि मुक्तिबोध के संग्रह 'चाँद का मुँह टेढ़ा है' में संकलित है। इस कविता में 'शहंशाह' को भ्रष्टाचार और सत्ता की क्रूरता का प्रतीक माना गया है, जिसके सामने पूरा समाज सिर झुकाए खड़ा है और सच्चा 'ईमान' जंजीरों में कैद है। कवि के अनुसार, गलत के सामने सिर झुकाने की आदत ही भ्रष्ट व्यवस्था को और अधिक क्रूर तथा ताकतवर बनाती है।
अतः विकल्प (a) सही है।
Q7. तुलसीदास रचित 'रामचरित मानस' में 'रामराज्य' संबंधी वर्णन की पंक्तियाँ हैं:
A. नहिं भय सोक न रोग
B. बड़े भाग मानुष तन पावा
C. सब गुनग्य पंडित सब ग्यानी
D. देत ईस बिनु हेतु सनेही
E. सब उदार सब पर उपकारी
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
(A) केवल A, B और C
(B) केवल B, C और D
(C) केवल B, D और E
(D) केवल A, C और E
Answer (D) तुलसीदास के रामराज्य की अवधारणा में राजा और प्रजा के मध्य परस्पर प्रेम और त्याग की भावना को सुंदरता से उजागर किया गया है। राम राज्य में दैहिक, दैविक और भौतिक ताप किसी को नहीं व्यापते थे क्योंकि सब मनुष्य परस्पर प्रेम और वेदों (के अनुकूल) रहकर अपने अपने धर्म का निष्ठा से पालन करते थे।
रामचरितमानस के उत्तरकांड में तुलसीदासजी ने रामराज्य का (वर्णन किया है)। पुरुषोत्तम श्री राम के सिंहासन पर आसीन होते ही सर्वत्र हर्ष छा गया एवं दैहिक, दैविक और भौतिक तापों से मुक्ति मिल गई। (कोई भी दरिद्र) नहीं था, सभी स्वस्थ, बुद्धिमान, साक्षर, गुणज्ञ, ज्ञानी तथा कृतज्ञ थे। 'रामचरित मानस' में 'रामराज्य' संबंधी वर्णन की पंक्तियाँ हैं:
नहिं भय सोक न रोग
सब गुनग्य पंडित सब ग्यानी
सब उदार सब पर उपकारी अतः विकल्प (d) सही है।